रामपुर बुशहर। रामपुर कॉलेज परिसर मेें शुक्रवार को कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के खूब नारे गूंजे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रामपुर के कार्यकर्ताओं ने रोष जताते हुए मांगों को पूरा न करने और प्रधानाचार्य पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए उनका पुतला फूंका।
एबीवीपी ने कहा कि कॉलेज प्राचार्य बीते लंबे समय से कॉलेज में एक तानाशाह रवैया अपनाए हुए हैं। छात्रों की मांगों और समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कॉलेज की समस्याओं को लेकर जब भी उनको ज्ञापन सौंपा जाता है तो प्राचार्य कोई उचित जवाब या कार्रवाई अमल में नहीं लाते हैं।
एबीवीपी इकाई अध्यक्ष प्रदीप ने कहा कि महाविद्यालय प्राचार्य कॉलेज से संबंधित किसी भी प्रकार का निर्णय लेने के लिए सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा कि 26 अगस्त को विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। 27 तारीख को दोपहर 12:00 बजे विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता प्रधानाचार्य के पास अपनी मांगों को लेकर उन्हें एक ज्ञापन देने गए और उनसे आग्रह किया कि मांगों को पूरा कर कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल खत्म करें, लेकिन प्राचार्य ने उनकी मांगों के ध्यान नहीं दिया। वहीं रामपुर कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रही चार दृष्टिबाधित छात्राओं को उचित सुविधाएं न मिलने के कारण हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा। इससे शर्मनाक बात कॉलेज प्रशासन के लिए और कुछ नहीं हो सकती। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनके लिए उचित सुविधाएं प्रदान करे, हॉस्टल में पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाया जाए और सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने चेताते हुए कहा कि यदि प्राचार्य का रवैया छात्रों के प्रति ऐसा ही रहा तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इकाई ने कहा कि स्थायी प्रिंसिपल की जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए, जिससे उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। वहीं इस मौके पर इकाई सचिव अभिषेक श्याम, राहुल, रोनी, रवि शर्मा, विकास, पीयूष, सचिन, सुनील, चंद्रेश, दीया, गगन, अर्चना, कल्पना, योगिता, प्यासा, शिवानी, चेतन, निशांत शर्मा और अनिकेत मेहता सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।