दत्तनगर में साढ़े नौ करोड़ रुपये की लागत से बना खेल छात्रावास,
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प्रदेश के पांच जिलों के वॉलीबाल और बॉक्सिंग खिलाडिय़ों को मिलना है लाभ
खेल छात्रावास में 25-25 छात्र छात्राओं को दिया जाएगा बॉक्सिंग और वॉलीबाल का प्रशिक्षण
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश का ऊपरी क्षेत्र नशे की गिरफ्त में फंसता जा रहा है। इसके लिए खेल गतिविधियों से युवाओं की दूरी होना भी है। इसके लिए प्रदेश सरकार को युवाओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए भी गंभीर होना होगा, ताकि युवा खेल गतिविधियों से अधिक जुड़ सकें। रामपुर विस क्षेत्र का एकमात्र खेल छात्रावास आठ साल के बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। दत्तनगर में करोड़ों की लागत से बना छात्रावास और इंडोर स्टेडियम धूल फांक रहा है। वर्षों से युवा इस खेल छात्रावास का लाभ मिलने की आस लगाए हुए हैं। गौर हो कि प्रदेश के चार जिलों के खिलाड़ियों को खेल छात्रावास की सुविधा देने के लिए साल 2017 में रामपुर की दत्तनगर पंचायत में खेल छात्रावास और इंडोर स्टेडियम का शिलान्यास किया गया था। इस कार्य को पूरा करने का लक्ष्य एक वर्ष निर्धारित किया था, लेकिन अतिरिक्त बजट देरी से मिलने के कारण खेल छात्रावास का कार्य धीमी गति से चलता रहा। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में भवन बनकर तैयार हो गया था और युवा वर्ग में खेल छात्रावास मिलने की आस भी जगी, लेकिन न तो भाजपा और न कांग्रेस सरकार ने युवाओं की मांग को पूरा किया। दोनों ही राजनीतिक दलों ने खेल छात्रावास की अनदेखी की। सात वर्ष के इंतजार के बाद बीते वर्ष मार्च माह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खेल छात्रावास का लोकार्पण किया। उसके बाद 11 माह का लंबा समय गुजर गया है, लेकिन अब तक यहां खेल गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई हैं। इस स्पोर्ट्स हॉस्टल से जिला शिमला, किन्नौर, कुल्लू, मंडी और लाहौल-स्पीति के खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा। इस हॉस्टल में 25 छात्र और 25 छात्रा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और हॉस्टल की सुविधा मिलनी है, जो यहां वॉलीबाल और बॉक्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। क्षेत्र में इस तरह का यह पहला छात्रावास और इंडोर स्टेडियम बना है। क्षेत्र के खिलाड़ियों को अब भी खेल छात्रावास के लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है।
वीरवार को युवा सेवा एवं खेल विभाग और लोक निर्माण विभाग की टीम खेल छात्रावास और इंडोर स्टेडियम का जायजा लेगी। जल्द ही यहां खेल गतिविधियां शुरू कर दी जाएंगी। - -राकेश धौटा, जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी शिमला
आठ वर्ष बाद भी इंडोर स्टेडियम दत्तनगर के लाभ से वंचित युवा खिलाड़ी। संवाद