संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला(किन्नौर)। हिमाचल प्रदेश सेब उत्पादन में अपनी एक अलग पहचान बनाए हुए है। यहां का सेब देश-दुनिया के विभिन्न कोनों में पहुंचता है। सरकार प्रदेश में बागवानी विकास की बातें तो खूब करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जनजातीय जिला किन्नौर में लंबे समय से बागवानों को सेब में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न दवाइयां नहीं मिल रही हैं। जिले के उद्यान प्रसार केंद्रों में दवाइयों की लंबे समय से खेप नहीं पहुंची है। बागवानों को मजबूरन निजी दुकानों से महंगे दामों पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। गौर हो कि जनजातीय जिला किन्नौर के लोगों की आमदनी का मुख्य साधन सेब उत्पादन है। हर वर्ष यहां करोड़ों रुपये का सेब कारोबार होता है। प्रदेश सरकार बागवानों को लाभ पहुंचाने के लिए उद्यान प्रसार केंद्रों के जरिये आवश्यक दवाइयां, खाद और अन्य उपकरण मुहैया करवाता है, जिससे जिले के हजारों बागवान लाभान्वित होते हैं। लेकिन बीते लंबे समय से जिले के कल्पा, पूह और निचार खंडों में सेब की दवाइयों का खासा टोटा चल रहा है। जिले के उद्यान प्रसार केंद्र रिकांगपिओ, कड़छम, सांगला, टापरी, कटगांव, भावानगर, निचार, पूह, ज्ञाबुंग, स्पीलो, मूरंग, आकपा और रिब्बा में रोजाना बागवान दवाइयों खरीदने पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां स्टाक उपलब्ध न होने के कारण बागवानों को मायूस लौटना पड़ता है। इन दिनों सेब में शेड्यूल स्प्रे का इस्तेमाल होता है, लेकिन उद्यान प्रसार केंद्र में दवाइयां न मिलने से बागवानों को दर-दर भटकना पड़ रहा है। सरकार और बागवानी विभाग जिले के इन 13 उद्यान प्रसार केंद्रों में दवाइयां उपलब्ध नहीं करवा पा रहे। हालांकि, बीच-बीच में बागवानी विभाग नारकंडा या दूसरे स्थानों से दवाइयां तो मंगा रहा है, लेकिन ये दवाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। बागवान निजी दुकानों में जाकर दवाएं खरीदने को मजबूर हैं।
युवा संगठन सांगला के वरिष्ठ सलाहकार याम्बुर नेगी, अध्यक्ष आशीष नेगी, उपाध्यक्ष विशाल चठा, सचिव शुभम माथस, कोषाध्यक्ष हितेश कुमार नेगी, नरेंद्र नेगी, भगत सिंह नेगी, रविराज नेगी, विक्रम नेगी, प्रवीन नेगी, प्रमोद नेगी, कुलदीप नेगी, महेंद्र नेगी, अरुण नेगी, दीपक नेगी ने कहा कि उद्यान प्रसार केंद्रों में बागवानों को दवाइयां नहीं मिल रहीं। उन्होंने सरकार और बागवानी विभाग से जल्द बागवानों को दवाइयां मुहैया करवाने की मांग की है।
पुरानी सप्लाई खत्म हो गई
पुरानी सप्लाई खत्म हो गई है। नई आपूर्ति न आने के कारण समस्या पेश आ रही है। सरकार को पूर्व में डिमांड दी गई थी। जल्द ही सरकार सेब दवाइयों की नई आपूर्ति भेजेगी। बीएस नेगी, उपनिदेशक उद्यान विभाग किन्नौर