में देवता साहिब
नरेशर
लक्ष्मी नारायण ने किया
शाड़
के
जातर
मेले का आगाज
ऐतिहासिक मेले में दिनभर चला नाटियों का दौर, सैकड़ों लोगों ने की शिरकत
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। शलाटी घोड़ी में मनाए जाने वाले शाड़ की जातर मेले का आगाज वीरवार को मसारना गांव से हुआ। आराध्य देवता नरेशर लक्ष्मी नारायण की अगुआई में मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। देव आस्था में लीन होकर लोगों ने मेले में ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाटियों को खूब दौर चलाया। मेले में दूर-दूर से लोग अपने रिश्तेदारों के घर पहुंचे और दिनभर मेले का लुत्फ उठाया। देवता के साथ देवलू और ग्रामीण ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर झूमे। वहीं, लोगों ने अपने ईष्ट देवता से सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद भी लिया।
गौर हो कि शलाटी घोड़ी में मनाया जाने वाला शाड़ का जातर मेला ऐतिहासिक परंपराओं को संजोये हुए है। इन दिनों देवता साहिब शलाटी घोड़ी के भ्रमण पर निकले हैं। हर गांव में देवता साहिब का कार करिंदों और देवलू के साथ रात्रि ठहराव होता है। प्रत्येक गांव में लक्ष्मी नारायण देवता कुमसू का स्वागत किया जा रहा है। अगले दिन छलावट गांव में मेले का आयोजन होगा। उसके बाद कमलाऊ और उससे अगले दिन भड़ावली गांव में मेला सजेगा। देर रात तक ग्रामीण और देवलू वाद्ययंत्रों की धुनों पर झूमेंगे। अगले दिन यहां से सुबह देवता साहिब अपने मंदिर कुमसू को प्रस्थान करेंगे। दोपहर के बाद देवता साहिब मंदिर से सज-धज कर नोगली के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके बाद तीन दिन तक जिला स्तरीय नोगली मेला शुरू होगा। नोगली मेले में नाटियों का दौर चलेगा और देव विदाई के साथ शाड़ के जातर मेले का समापन होगा। इस ऐतिहासिक मेले में हर वर्ष हजारों लोग शिरकत करते हैं।