किन्नौर कैलाश यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर रिकांगपिओ में प्रदर्शन करते देव स
प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने, अनधिकृत आवाजाही पर तत्काल रोक लगाने की मांग की
मुख्यमंत्री सहित बागवानी मंत्री को उपायुक्त के माध्यम से भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ(किन्नौर)। किन्नौर-कैलाश यात्रा पर प्रशासन की ओर से लगाए प्रतिबंध के बावजूद श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रहने के विरोध में मंगलवार को देव समाज और ग्रामीणों ने रिकांगपिओ में रोष रैली निकाली। इसके बाद उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री सुक्खू और राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी को ज्ञापन भेजा। इसमें प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने और अनधिकृत आवाजाही पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा और प्राकृतिक कारणों से इस वर्ष यात्रा पर रोक लगाए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक चोरी-छिपे प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। उनका कहना था कि प्रशासन इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है।
देव समाज और ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों ने इस पवित्र यात्रा को धार्मिक आस्था के बजाय पर्यटन और आर्थिक गतिविधि का माध्यम बना दिया है। उनके अनुसार, यात्रा के दौरान प्लास्टिक और अन्य कूड़ा-कचरा फैलने से हिमालय के संवेदनशील पर्यावरण, ग्लेशियरों और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही इससे सदियों पुरानी धार्मिक परंपराएं और स्थानीय मान्यताएं भी प्रभावित हो रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किन्नौरा जनजाति प्रकृति पूजक रही है और क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण की परंपरा का पालन करती आई है।
देव समाज के कारदार परमेश्वर नेगी ने कहा कि किन्नौर की संस्कृति में देव आदेश सर्वोच्च माना जाता है। उसके अनुरूप यात्रा पर लगाए गए प्रतिबंध का पूर्ण पालन होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक देव आदेश के सम्मान में किन्नौर कैलाश यात्रा पर लगाए गए प्रतिबंध को पूरी तरह प्रभावी नहीं बनाया जाता, तब तक स्थानीय समाज का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मांग की कि अनधिकृत आवाजाही पर तत्काल रोक लगाई जाए, अन्यथा देव समाज स्वयं इसे रोकने के लिए कदम उठाने को बाध्य होगा।