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छितकुल में 90, कल्पा और सांगला में 45 सेंटीमीटर की बिछी सफेद चादर

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किन्नौर के रल्ली में एनएच पर आया हिमखंड।
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सांगला/रिकांगपिओ। किन्नौर जिले में मौसम के बदले मिजाज के बाद समूचा क्षेत्र शीतलहर की चपेट में है। जिले के कई इलाकों में सफेद चादर बिछने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। जनजीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। जिले में बर्फबारी से एनएच सहित ग्रामीण सड़कें बंद हैं। बिजली बंद होने के साथ ही लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं।
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जिले की लाइफ लाइन कहे जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क सड़कें बेमौसमी हिमपात और बारिश से पूरी तरह से बंद हैं। तापमान माइनस तक पहुंच गया है। छितकुल में 90 सेंटीमीटर, कल्पा और सांगला में 45 सेंटीमीटर और रिकांगपिओ में 15 सेंटीमीटर ताजा हिमपात हुआ है।
इस कारण जिले में यातायात ठप हो गया है और निगम की बसों पर ब्रेक लग गई है। वहीं, रल्ली में दोबारा ग्लेश्यिर आने से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। इसके अलावा कड़छम-छितकुल मार्ग पर मलबा गिरने से बिजली का टावर टूट गया है, जिसके चलते क्षेत्र में बत्ती गुल हो गई है। पथ परिवहन निगम के अड्डा प्रभारी रिकांगपिओ गोपाल सिंह नेगी ने कहा कि शुक्रवार को खतरे को देखते हुए निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पाई है।
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वहीं, सीमा सड़क संगठन के ओसी किन्नौर पीके सिंह और नेशनल हाईवे प्राधिकरण की कनिष्ठ अभियंता दिव्या मेहता ने कहा कि लगातार हो रही बर्फबारी और मूसलाधार बारिश के चलते सड़क बहाल करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। सड़क को बहाल करने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
उधर, उपायुक्त किन्नौर हेम राज बैरवा ने कहा कि जिले में बर्फबारी से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए राजस्व विभाग को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बागवानी विभाग की ओर से किन्नौर में अभी तक 25 प्रतिशत सेब बगीचे को नुकसान होने का अनुमान लगाया है। उन्होंने जिले की जनता से अपील की है कि आवश्यक काम हो तो ही घर से बाहर निकलें।
विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त, ट्रांसफार्मर बंद
बर्फबारी और बारिश से जिले में विद्युत व्यवस्था भी पटरी से बाहर हो गई है। जिले के कल्पा, पूह और निचार खंड के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले चार दिनों से हो रही बर्फबारी और बारिश से कई जगह लाइनों, पोलों और टावर लाइनों को क्षति पहुंची है, इससे कारण बत्ती गुल होने से हजारों लोग परेशान हैं। जिले में करीब 150 ट्रांसफार्मर बंद हैं। बोर्ड रिकांगपिओ के एक्सईएन टाशी नेगी, एक्सईएन भावानगर ट्रासंमिशन लाइन तारा नेगी ने कहा कि क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त करने का कार्य जोरों पर है। जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी।
बागवानों ने की मुआवजे की मांग
जिले के सेब बागवानों के लिए यह हिमपात और बारिश खतरे की घंटी बजा रही है। कल्पा, पूह और निचार खंड के मध्यम और अधिकांश ऊंचाई वाले इलाकों में सेब की फ्लावरिंग पूरे योवन पर है, लेकिन बेमौसमी बरसात और हिमपात ने सेब पर कहर ढाया है। सेब के पौधे फ्लावरिंग के साथ-साथ टहनियां भी पूरी तरह से टूट चुकी हैं। बागवानों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से नुकसान का आकलन कर मुआवजे की मांग उठाई है। उद्यान विभाग किन्नौर के उप निदेशक चंद्रमोहन बाली ने कहा कि बर्फबारी के चलते जिले के कई इलाकों में सेब के पेड़ों को नुकसान पहुंचा है, जिसका आकलन किया जा रहा है।
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