The snowflakes broke the apple twigs; Plants uprooted
रोहडू। कई दशकों बाद हिमपात से सेब की फसल को पूरी तरह तबाह कर दिया है। हिमपात से सेब की टहनियां पौधे टूट कर जमीन पर गिर गए हैं। ओलों से फसल को बचाने के लिए लगाई गई एंटी हेल नेट पर बर्फ जमने से ये टूट गई हैं। भारी हिमपात से हुए नुकसान के बाद सेब बहुल क्षेत्र में चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है।
वीरवार रात से शुरू हुए हिमपात के बाद छह हजार फुट से ऊंचाई वाले क्षेत्र के सेब बगीचों में फसल सहित बगीचे बरबार हो गए हैं। भारी हिमपात से ओलों को बचाने के लिए लगाए गए नेट से अधिक नुकसान पौधों को हुआ है। सात हजार फुट से ऊंचाई वाले क्षेत्र के सेब बगीचों में फूलों पर हिमपात जमा हुआ है। मांदल पंचायत के प्रधान बलबीर शर्मा ने बताया कि पूरी पंचायत में सेब की फसल तो तबाह हो ही गई सेब के पौधे टूट गिर पर खत्म हो गए हैं।
झाल्टा पंचायत के प्रधान महावीर जगटा ने बताया कि बगीचों में लोगों ने ओले से बचने के लिए इसी साल एंटी हेल नेट लगाए हिमपात गिरने से नेट की धज्जियां उड़ गई हैं। नेट को बांधने के लिए लगाए गए बांस के डंडे तक हिमपात से टूट चुुके है। उपमंडल रोहडू के तहत हर पंचायत में बागवानों को हिमपात से नुकसान हुआ है। क्षेत्र के लोग अब सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं, ताकि प्राकृतिक आपदा के इस संकट से उभरा जा सके।
रोहडू-शिमला मार्ग कई घंटे बंद रहा
शुक्रवार को सुबह आठ बजे से दस बजे के बीच खड़ापत्थर में हिमपात होने के कारण छोटे वाहन फंसते रहे। खड़ापत्थर में करीब चार इंच ताजा हिमपात हुआ है। डोडरा क्वार सड़क पर चांशल घाटी में करीब तीन फीट तक बर्फबारी हुई है। रोहडू-रामपुर मार्ग पर सुंगरी में भी करीब चार इंच ताजा हिमपात हुआ है। सुंगरी-रामपुर मार्ग भी हिमपात के कारण चार घंटे तक वाहनों के लिए बंद रहा। रोहडू उपमंडल मुख्यालय से धमवाड़ी, तांगणू, लढोट, नारकंडा, रामपुर के लिए शुक्रवार को हिमपात से सड़क बंद होने के बाद बस सेवाएं नहीं चल सकी।