17 करोड़ का नुकसान, विभाग के पास मलबा हटाने के लिए नहीं धन, जगह-जगह लग रहे जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। ठियोग-हाटकोटी राष्ट्रीय राजमार्ग 705 भारी बारिश के बाद अभी खस्ता हाल है। सड़क के किनारे जगह-जगह मलबे के ढेर लगे हैं। कई जगह पुल के नीचे की जमीन धंस गई है, तो कहीं डंगे बैठ गए हैं। मौसम खुलने के बाद भी हर दिन लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है। सड़क पर विभाग की गतिविधियां पूरी से बंद पड़ी हैं।
इस साल गुम्मा व छैला के के समीप भूस्खलन से कई मीटर मुख्य सड़क पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। गुम्मा-कोकूनाला-कोटखाई के बीच मुख्य मार्ग पर एक पुल के नीचे की जमीन धंसने से वाहनों की आवाजाही बंद पड़ी है। करीब 40 स्थानों पर इस बरसात से डबल लेन सड़क सिंगल हो चुकी हैं। इस बरसात से एनएचआई डिविजन ने इस सड़क पर करीब 17 करोड़ के नुकसान का आकलन किया है। लोगों का कहना है कि सड़क पर डंगे लगाने में तो समय लगेगा, लेकिन अभी तक मलबे को हटाने की मुहिम शुरू नहीं हुई है। इससे हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। हर दिन लोग जाम में फंस रहे हैं।
2023 में बारिश से क्षतिग्रस्त सड़क को नहीं किया गया ठीक
ठियोग-हाटकोटी सड़क पर अपर दोची, कोटखाई रेस्ट हाउस के उपर, कोकूनाला, कोटखाई बाजार, चलनैर में दो साल पहले डंगे गिर गए थे। 2023 के बाद गिरे डंगों को लगाने के लिए अभी तक विभाग ने पहल नहीं की है। पहले ही यहां पर करोड़ों की लागत से डंगे लगने हैं। इस बार फिर करीब 17 करोड़ का ताजा नुकसान केवल 80 किलोमीटर के दायरे में हुआ है। कई जगह पक्की सड़क पूरी तरह कच्ची हो चुकी हैं। इसलिए लोगों को चिंता है कि आखिर सड़क का दशा कब सुधरेगी।
अपर शिमला की ठियोग से हाटकोटी रोहड़ू मुख्य सड़क
ठियोग से हाटकोटी रोहड़ू मुख्य सड़क से चार विधानसभा क्षेत्र के हजारों लोग हर दिन सफर करते हैं। शिमला जिला मुख्यालय के लिए रोहड़ू, जुब्ब्बल कोटखाई, चौपाल व ठियोग विधानसभा क्षेत्र के लोग इसी सड़क से आते-जाते हैं। लेकिन इस बार बारिश के बाद पूरी सड़क फिर तबाह हो चुकी है। विभाग के पास सड़क को ठीक करने के लिए बजट उपलब्ध नहीं है।
गुम्मा कोटखाई के बीच क्षतिग्रस्त पुल के समीप भूमि विवाद को सुलझा दिया गया है। एनएचएआई के पास इसके लिए अभी बजट नहीं है। कुछ बजट के लिए प्रदेश लोक निर्माण विभाग को एस्टीमेट भेजे गए हैं। शेष बजट के लिए केंद्र से मामला उठाया जा रहा है। बजट उपलब्ध होने पर ही सड़क की दशा ठीक हो सकती है।
- रवि कपूर, कार्यकारी एक्सईएन राष्ट्रीय राजमार्ग 707