मरीजों को हिचकोले खाते हुए पहुंचना पड़ रहा अस्पताल
नौ पंचायतों के हजारों बाशिंदे झेल रहे परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। उपमंडल रामपुर की नोगली-राजपुरा सड़क पर सफर जोखिमभरा बना हुआ है। करीब पांच किलोमीटर मार्ग पर गड्ढों की भरमार है। मरीज हिचकोले खाते हुए अस्पताल पहुंचने को मजबूर हैं। आलम यह है कि सड़क की दयनीय दशा के कारण छोटे वाहनों को भी क्षति पहुंच रही है।
करीब डेढ़ दशक से नोगली-राजपुरा सड़क पर टारिंग नहीं हो पाई है। सड़क से रोजाना नौ पंचायतों के हजारों लोग सफर करते हैं। गड्ढों में तब्दील सड़क पर आवाजाही जोखिमभरी बनी हुई है। लोग कई बार सरकार और लोक निर्माण विभाग से टारिंग करने की मांग उठा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सड़क से रोजाना दुर्गम पंचायत काशापाट, कूहल, मुनिश, देवठी, दरकाली, तकलेच, भड़ावली, बाहली और नरैण् पंचायत के हजारों लोग आवाजाही करते हैं। जगह-जगह सड़क पर गड्ढे पड़े हुए हैं और हादसों का अंदेशा बना हुआ है।
राकेश चौहान, सुरजीत, तिलक राज खिमटा, जर्नाधन सिंह, मान सिंह, विनोद, राधा कृष्ण और हर्ष सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि डेढ़ दशक बाद भी सड़क पर टारिंग नहीं हो रही है। मरीजों सहित किसान-बागवानों की भी दुश्वारियां बरकरार हैं। उन्होंने सरकार और लोक निर्माण विभाग से शीघ्र टारिंग करने की मांग उठाई है। सड़क पर पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने की गुहार लगाई है।
उधर, नोगली से राजपुरा तक सड़क पर बरसात से भूस्खलन हुआ है, लेकिन लोक निर्माण विभाग अभी तक सड़क से मलबा नहीं हटा पाया है। इसके कारण सड़क जहां संकीर्ण हो गई है, वहीं पहाड़ से भूस्खलन होने का खतरा मंडरा रहा है। रोजाना खतरे के साये में ग्रामीण सफर करने को मजबूर हैं।
कोट
लोक निर्माण विभाग रामपुर के अधिशासी अभियंता शक्ति नेगी ने बताया कि सड़क को प्राथमिकता से सुधारा जाएगा। टारिंग के लिए अगले साल प्रपोजल भेजा जाएगा।