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Rampur Bushahar News: धारचिड़ी गांव में आज तक नहीं बनी सड़क

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फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए लटकी फाइल
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नेरवा (रोहड़ू)। कुपवी उपमंडल का धारचिड़ी गांव आज भी सड़क सुविधा के लिए तरस रहा है। देइया से पांच किलोमीटर लंबा शौम्बी धार-धारचिड़ी-चींद मार्ग बनना प्रस्तावित है। इसका डिजिटल सर्वे कुछ वर्ष पूर्व हो चुका है। इस मार्ग में कुछ पेड़ आते हैं। इनकी गिनती कर फाइल फॉरेस्ट क्लीयरेंस के लिए वन विभाग को भेज दी गई है। धारचिड़ी के विक्रम भागटा ने बताया कि इस सड़क के बनने से उनके गांव के 26 घरों को फायदा होगा। इसके अलावा पंचायत मालत और इसके साथ लगतीं पंचायतों के लगभग 15 गांवों को लाभ मिलेगा। देईया से अभी उपमंडलीय मुख्यालय कुपवी की दूरी 22 किलोमीटर है। इस सड़क के बनने से यह घटकर 14 किलोमीटर रह जाएगी। इन गांवों के लोगों को अपने गांव जाने के लिए वाया कुपवी जाना पड़ता है। इस सड़क के बनने से यह लोग सीधे अपने गांव जा सकेंगे। धारचिड़ी एक कृषि प्रधान गांव है। यहां के अधिकतर लोग आजीविका के लिए कृषि एवं बागवानी पर आश्रित हैं। इनकी अर्थव्यवस्था सेब की बागवानी और मटर उत्पादन पर आधारित है। कृषि और बागवानी उत्पाद खच्चरों पर ढोकर सड़क तक लाने पड़ते हैं। सेब की एक पेटी का भाड़ा 100 रुपये से कम नहीं पड़ता। मालत पंचायत के प्रधान गोपाल भागटा, रति राम भागटा, मोहन लाल ठाकुर, मस्त राम भागटा, सही राम ठाकुर और रणु राम भागटा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से मांग की है कि इस सड़क को प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत लाकर इसका निर्माण प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाए।
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फाइल पर स्टेट नोडल एजेंसी ने जताई है आपत्ति

वन मंडलाधिकारी जंगवीर दुलटा ने बताया कि इस सड़क की फॉरेस्ट क्लीयरेंस की फाइल पर स्टेट नोडल एजेंसी ने कुछ आपत्ति लगाई थी। इसके बाद एक वर्ष पूर्व इसकी फाइल वापस लोक निर्माण विभाग को भेज दी गई थी। जहां से अभी वापस नहीं आई है।
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