बस सेवा शुरू होने से 112/20 घाटी के लोगों को मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। बरसात से बाधित 12/20 घाटी को जोड़ने वाली तकलेच सेरीपुल वाया दारनघाटी सड़क यातायात के लिए बहाल हो गई है। तीन माह बाद पथ परिवहन निगम की बस सेवाएं शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
दारनघाटी सहित अन्य संपर्क सड़कें बहाल होने से परिवहन सेवाएं सुचारु रूप से चलने से जनजीवन पटरी पर लौटने लगा है। जुलाई से सितंबर तक भारी बरसात ने ऐसा कहर ढाया कि 12/20 घाटी की सभी सड़कों पर भूस्खलन और डंगों के ढह जाने से लोक निर्माण विभाग को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा। सड़कें बाधित होने से चार पंचायतों का संपर्क शेष दुनिया से कट गया। हालांकि रामपुर वाया लालसा-डंसा-बाहलीधार वैकल्पिक मार्ग से अपर 12/20 के लोगों को काफी हद तक आवाजाही की सुविधा मिली, लेकिन मुनिश और काशापाट के हजारों लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ीं। काशापाट के लोगों को वर्तमान में कंडी तक परिवहन सेवा उपलब्ध हो पा रही है। मुनिश-बरकल-थला संपर्क सड़क पर छोटे वाहनों की आवाजाही सुनिश्चित की जा चुकी है। देवठी और कूहल पंचायतों को गुजरने वाली सड़क पर फिलहाल वाया कीम-देवठी-चिकसा तक परिवहन सेवा बहाल करवाने में लोक निर्माण विभाग सफल हो पाया है। सूम में डंगे लगाने का काम चल रहा है। बरसात में कूहल के बेबला में क्षतिग्रस्त सड़क को बहाल कर दिया गया है और अब दारनघाटी रूट पर बस सेवा लोगों को चिकसा तक सुचारु रूप से मुहैया करवा दी गई है।
गोविंद सिंह, चतर खाची, श्याम मुरारी, यशपाल, जगत सिंह, चरण दास, महेंद्र, प्रकाश और घनश्याम सहित अन्य लोगों ने सड़कों को बहाल करने पर लोक निर्माण विभाग का आभार जताया है।
कोट
लोक निर्माण विभाग तकलेच के सहायक अभियंता गोवर्धन शर्मा ने कहा कि दारनघाटी तक सड़क बहाल कर दी गई है। उन्होंने बताया कि सूम में ढहे डंगे लगाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। कंडी से आगे काशापाट सड़क पर कटिंग का कार्य के लिए मशीनरी तैनात की गई है।