सांगला(किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में बर्फबारी के छह दिन बीत जाने के बाद भी यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। जिले के एनएच पांच को छोड़ कर शेष सभी ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी हैं। जिले की 10 सड़कें भारी बर्फबारी के कारण अभी भी पूरी तरह से बाधित हैं। ऐसे में जिले के लोगों को आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं करीब एक माह बाद सांगला-छितकुल मार्ग रविवार को बहाल हुआ है।
गौर हो कि बीते दिनों हुई बर्फबारी के कारण जिले की 36 ग्रामीण सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई थीं। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए 26 सड़कों को यातायात के लिए बहाल कर दिया है, जबकि जिले की लिप्पा-आसरंग, टाशीगांग, लियो ब्रीज से हांगो, चारंग-कोटा-दोगहरी, ठंगी-कुन्नोचारंग, चांगो से टाशीगांग, कड़छम-शिलती, शोंग, चांसू, बोनिंग सारिंग, पानवी 10 ग्रामीण सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं। ऐसे में ग्रामीण कई किलोमीटर सफर पैदल तय करने को मजबूर हैं। बार-बार हो रही बर्फबारी के कारण लोक निर्माण विभाग को मार्गों को बहाल करने में खासी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
परिवहन निगम रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी गोपाल सिंह नेगी ने बताया कि एनएच पांच को छोड़ कर जिले के सभी ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों को नहीं भेजा जा रहा। ग्रामीण सड़कों पर बर्फबारी और फिसलन के चलते बसों को नहीं भेजा जा रहा। सड़कों की हालत सुधरते ही बसों की आवाजाही शुरू की जाएगी।
उधर, लोक निर्माण विभाग कल्पा के एक्सईएन विरेंद्र सिंह गुलेरिया और एक्सईएन भावानगर राहुल सूद ने कहा कि बाधित मार्गों को बहाल करने के लिए विभाग ने 12 मशीनें और करीब 100 मजदूर तैनात किए हैं।