किन्नौर जिले के दुर्गम क्षेत्र छितकुल को जोडने वाले सड़क पर जमी बर्फ, यातायात व्यवस्था ठप।
- फोटो : RAMPUR-HP
सांगला (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर में शुक्रवार देर रात अचानक भारी बर्फबारी से फिर से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। जिले के भावानगर उपमंडल की 14, कल्पा और पूह खंड की 22 ग्रामीण सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह से बाधित हो गई हैं। वहीं जिले के सभी ग्रामीण रूटों पर भी निगम की बसों की आवाजाही पूरी तरह से ठप पड़ी है। हालांकि रिकांगपिओ से पूह काजा की ओर खाब तक और रामपुर शिमला की ओर निगम की बसों की बराबर आवाजाही हो रही है।
शनिवार को जिले के पर्यटन स्थल कल्पा का अधिकतम तापमान -1.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान -5.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पर्यटन स्थल सांगला का अधिकतम तापमान -2.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान -4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार रात को हुई ताजा बर्फबारी के बाद जिले में शीतलहर का प्रकोप काफी बढ़ गया है। कंपकंपाती ठंड में जिले के हजारों लोग ठिठुरने को मजबूर हैं। जिले की 36 ग्रामीण सड़कें एक बार फिर बर्फबारी के कारण फिर से बंद हो गई हैं। शनिवार सुबह रिकांगपिओ से भी बसों सहित अन्य वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। निगम की बसों को पोवारी से ही चलाया गया।
पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ के अड्डा प्रभारी गोपाल सिंह नेगी के अनुसार शुक्रवार रात को हुई बर्फबारी के कारण शनिवार सुबह निगम की बसें पोवारी से चलाई गईं। अब रिकांगपिओ से पूह काजा की ओर खाब तक और शिमला की तरफ बराबर आवाजाही हो रही है।
लोक निर्माण विभाग कल्पा के अधिशासी अभियंता विरेंद्र सिंह गुलेरिया और अधिशासी अभियंता भावानगर राहुल सूद ने बताया कि शुक्रवार को हुई बर्फबारी से जिले की 36 ग्रामीण सड़कें फिर बंद हो गई हैं। बाधित सड़कों को बहाल करने के लिए 22 मशीनें और करीब 300 मजदूर युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं। बार-बार हो रही बर्फबारी से सड़कों को बहाल करने में समस्याएं पेश आ रही हैं।