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बास्पा में बहे लोगों को ढूंढने गए गोताखोर खाली हाथ लौटे

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सांगला (किन्नौर)। जिले के कड़छम-सांगला मार्ग पर बीते सोमवार को हुए कार हादसे में लापता दो लोगों का चौथे दिन भी कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया है। हालांकि, उपायुक्त गोपाल चंद ने जिला आपदा प्राधिकरण के माध्यम से मंडी से गोताखोरों की टीम लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए मंगवाई थी। पांच गोताखोरों के दल ने वीरवार करीब ढाई से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत कर लापता लोगों को खोजने का भरसक प्रयास किया, लेकिन डैम में पानी अधिक गहरा होने और सिल्ट की वजह से लापता लोगों को ढूंढने में सफलता हाथ नहीं लग पाई।
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सर्च ऑपरेशन के दौरान गोताखोरों के साथ पुलिस थाना सांगला से थाना प्रभारी सांगला मोहन सिंह की अगुवाई में कड़छम चौकी प्रभारी नरेंद्र कौंडल, मुख्य आरक्षी सन्नी बौद्ध, मानक मुख्य आरक्षी राजेंद्र, आरक्षी पंकज, निमा राम सहित सांगला तहसील के कामरू, कुप्पा, ब्रुआ, चुनंग, सापनी, बटुरी और कनई के स्थानीय लोग भी ब्रुआ मोड़ से लेकर कड़छम डैम तक लापता लोगों को पूरा दिन खोजते रहे, लेकिन फिलहाल कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। वीरवार को मंडी से पहुंचे गोताखोरों की टीम को करीब तीन घंटे के कड़ी मशक्कत के दौरान डैम के गहरे पानी और भारी सिल्ट के बीच खोजबीन के दौरान लापता हुए एक नेपाली मूल के व्यक्ति की चप्पलें ही मिल पाईं। तहसीलदार सांगला जयचंद धीमान ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मौके का जायजा लिया और रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर डटे रहे। एसपी किन्नौर एसआर राणा ने कहा कि मंडी से पहुंचे गोताखोरों को फिलहाल कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। उन्होंने कहा कि डैम के भीतर जहां जहां भी संभव था, उन क्षेत्रों में गोताखोर की टीम ने खोजबीन की लेकिन अधिक सिल्ट और पानी के बहाव के कारण लापता दोनों व्यक्तियों का सुराग नहीं लग पाया। इस दौरान टीम को नेपाली मूल विकास बहादुर की चप्पलें ही मिल पाई हैं, जिसकी शिनाख्त नेपाली मूल के ठेकेदार ब्रह्म दत्त ने की।
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