परशुराम मंदिर परिसर में ऐतिहासिक भादो मेले की रही धूम, हजारों लोगों ने नवाया शीश, सुख-समृद्धि का लिया आशीर्वाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल की नोगवैली स्थित डंसा मंदिर में आयोजित ऐतिहासिक एवं प्राचीन भादो मेले में ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोग खूब झूमे। मंदिर में दिनभर ग्रामीणों ने वाद्ययंत्रों की धुनों पर नाटी डाली। परशुराम जी की चार ठहरियों में शुमार देवता साहिब दमुख के मंदिर परिसर में रविवार को भादो मेला धार्मिक रीति-रिवाजों का निर्वहन करते हुए धूमधाम से मनाया गया। मेले के दिन देवी भद्रकाली का रथ देवता दमुख के साथ बाहर निकाला गया।
मेले में देवी और देवता साहिब का देव नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा। दूर-दूर से पहुंचे हजारों लोगों ने देवी-देवता साहिब के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का शुभ आशीर्वाद प्राप्त किया। देवी साहिबा का रथ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खूब सजाया गया था। देवी साहिबा का आशीर्वाद पाने के लिए भारी संख्या में दशोटी के अलावा बाहरी क्षेत्रों से लोग मंदिर पहुंचे और मन्नतें मांगीं। उसके बाद मेले में दिन भर नाटी का दौर चला। ग्रामीण और देवलू सहित बाहर से आए श्रद्धालु मंदिर परिसर में ढोल-नगाड़ों की थाप पर खूब थिरके। शाम तक मंदिर परिसर में ग्रामीण खूब नाचते-गाते रहे।
परशुराम मंदिर समिति के अध्यक्ष खेल चंद नेगी, उपाध्यक्ष गौरी दत्त नेगी और महासचिव जीएल डमालू ने कहा कि भादो मेला धूमधाम से मनाया गया। मेले में हजारों लोगों ने हाजिरी भरी और आशीर्वाद प्राप्त किया। आधुनिकता के दौर में भी प्राचीन काल से चली आ रही धार्मिक परंपरा का निर्वहन दशोटी के लोग बखूबी कर रहे हैं। मेले में ढोल-नगाड़ों की थाप पर ग्रामीण खूब झूमे।
डंसा में आयोजित भादों मेले में लोग देवी देवताओं से सुख समृद्धि केलिए आशीर्वाद लेते हुए।
डंसा में आयोजित भादों मेले में लोग देवी देवताओं से सुख समृद्धि केलिए आशीर्वाद लेते हुए।