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राजमाता की बगल में हुआ वीरभद्र सिंह का अंतिम संस्कार

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रामपुर बुशहर। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का रामपुर स्थित जोबनी बाग के शाही श्मशानघाट में दोपहर बाद अंतिम संस्कार किया गया। पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने उनको मुखाग्रि दी। वीरभद्र सिंह का दाह संस्कार राजमाता शांति देवी के साथ लगती जमीन पर किया गया। इससे पूर्व राजसी परंपरा और विधि विधान के साथ राज पुरोहितों ने सभी परंपराओं का निर्वहन किया। दाह संस्कार में करीब 25 किलोग्राम घी और कई किलो मेवा इस्तेमाल में लाया गया। उनकी अंत्येष्टि में चंदन, शूर और सामान्य लकड़ी का इस्तेमाल किया गया।
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गौर हो कि जोबनी बाग स्थित श्मशान घाट में राज परिवार के किसी भी सदस्य का निधन होने पर उनके दाह संस्कार के लिए अलग से स्थान सुनिश्चित है। यहां अब तक राजपरिवार के हिस्सा रह चुके पूर्वजों के स्मारक शीला लेख में दर्ज है, जबकि उनकी मृत्यु का समय और तारीख भी यहां अंकित की गई हैं।
दिल को छूने वाले इस मंजर के साक्षी विभिन्न राजनीतिक हस्तियों सहित हजारों लोग बने। लोगों की बढ़ती संख्या के आगे श्मशानघाट की भूमि भी कम पड़ गई। दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने क्या बच्चा, क्या बूढ़ा सभी भारी संख्या में पहुंचे। बुशहर रियासत के 122वें राजा को हजारों लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। सभी ने उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
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