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Rampur Bushahar News: स्कैब की चपेट में सेब बगीचे, तेजी से फैल रहा संक्रमण

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रोहड़ू। जिले के सेब उत्पादक क्षेत्रों में नमी वाले भूभाग के अधिकांश सेब बगीचों में स्कैब रोग का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कई बगीचों में फल और पत्तियां बीमारी के प्रभाव से खराब हो चुके हैं। इससे बागवानों की परेशानी बढ़ गई है, वहीं बागवानों को सालभर की मेहनत पर पानी फिरने की चिंता सता रही है। वहीं विशेषज्ञों ने बागवानों को समय रहते बीमारी का समाधान करने करने के लिए कहा है।
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इससे पहले 2020 में भी इस बीमारी के लक्षण बगीचों में देखे गए थे लेकिन उस समय इसका समय पर समाधान कर लिया गया था। इससे पहले वर्ष 1983 में स्कैब की बीमारी सेब की फसल पूरी तरह से तबाह हो चुकी है। इससे बागवानों को हजारों टन सेब नालों में फेंकना पड़ा था। उस दौरान ही बागवानों को संकट से उबारने के लिए पहली बार सरकार ने सेब का समर्थन मूल्य निर्धारित किया था। वहीं इस बार कम पैदावार के बाद संक्रमण ने बागवानों की चिंता बढ़ा दी है।

एक बगीचे से दूसरे में फैलती है स्कैब की बीमारी
बागवानी विशेषज्ञ एवं जिला कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. नरेंद्र कायथ ने बताया कि ऊपरी शिमला के सेब बहुल क्षेत्रों के बगीचों में इस रोग का प्रभाव शुरू हो गया है। इस पर नियंत्रण प्रथम अवस्था में ही किया जाना चाहिए। यह रोग धीरे-धीरे पूरे बगीचे में फैल जाता है। इसके बाद आसपास के बगीचों में संक्रमण बढ़ता है। इससे फल और पत्तियों का विकास रुक जाता है। इसका प्रभाव अगले साल की फसल पर भी पड़ता है।
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फंगस की तरह होता स्कैब रोग
सेब में लगने वाला स्कैब रोग एक प्रकार का फंगस होता है। रोग कभी बारिश और कभी धूप की वजह से पनपता है। जल्द इस पर काबू नहीं पाया गया तो फल और पत्तियों पर बड़े आकार के काले धब्बे पड़ना शुरू हो जाते हैं। सेवानिवृत्त उद्यान विकास अधिकारी डाॅ आग्रदास का कहना है कि स्कैब रोग से बचाव के लिए समय पर विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार फफूंदनाशक का प्रयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने बागवानों को सलाह दी कि तौलियों में घास को न उगने दें। बगीचों में हवा और प्रकाश के आदान-प्रदान की उचित व्यवस्था करें।0

हर केंद्र में पर्याप्त दवाइयां उपलब्ध करवाए सरकार : हरीश
प्रदेश संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान का कहना है कि सेब के बगीचों में बीमारी की रोकथाम के लिए सरकार समय पर हर केंद्र में दवाइयां उपलब्ध करवाए। बागवानों के लिए स्कैब का फैलना खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा इस बार सरकार ने दवाइयां जरूर उपलब्ध करवाई लेकिन हर केंद्र में पर्याप्त दवाइयां का स्टॉक उपलब्ध नहीं है। इसको देखते हुए समय पर इसकी रोकथाम की आवश्यकता है।
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