रोहडू। लंबे समय से विवादों में रहे आईटीआई टिक्कर के निर्माणाधीन भवन पर पेड़ के गिरने से छत क्षतिग्रस्त हो गई है। मंगलवार को दिन के निर्माणाधीन भवन के ऊपर भूस्खलन के बाद किए जा रहे पेड़ कटान के दौरान यह घटना सामने आई। इसको लेकर लोक निर्माण विभाग और वन विभाग आमने-सामने आ चुके हैं।
टिक्कर आईटीआई भवन के पीछे की ओर ढलान पर कायल के चार पेड़ भूस्खलन के कारण गिरने के कगार पर थे। भवन का निर्माण लोनिवि के अधीन हो रहा है। विभाग ने पेड़ काटने के लिए दो सप्ताह पहले वन विभाग से आवेदन किया गया। वन विभाग की ओर से मौके पर निरीक्षण करने के बाद पेड़ कटान के लिए वन निगम को सूचित किया गया। वन निगम ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पेड़ कटान का कार्य ठेकेदार को दिया था। इसी बीच मंगलवार को खतरे की जद में आए पेड़ों को काटते समय एक पेड़ भवन की छत पर गिर गया। इससे निर्माणाधीन भवन के छत क्षतिग्रस्त हो गई है।
गौर हो कि आईटीआई टिक्कर के भवन का निर्माण कार्य करीब पंद्रह सालों से चल रहा है। अब कार्य पूरा होने से पहले फिर भवन की छत क्षतिग्रस्त हो गई है। लोनिवि के एसडीओ अनिल पथिक ने कहा बारिश के बाद आईटीआई भवन को पेड़ों से खतरा पैदा हो गया था। डीएफओ रोहड़ू से अनुमति मिलने के बाद स्टाफ ने इस कार्य में देरी की। अब वन निगम ने पेड़ कटान शुरू किया तो भवन की छत क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने कहा इसकी उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई है।
टिक्कर में आईटीआई भवन की सुरक्षा के लिए खतरा बने पेड़ों को काटने के लिए विभाग की ओर से अनुमति दी गई है। वन निगम पेड़ों का कटान कर रहा है। दिन के समय मजदूरों के नियंत्रण से बाहर होकर एक पेड़ काटते समय भवन की छत पर गिरने की सूचना है।
शहनवाज भट्ट, वन मंडल अधिकारी रोहडू