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Rampur Bushahar News: रोहड़ू में 17 सड़कें अवरुद्ध, दो दर्जन से अधिक पर नहीं चल रहे बड़े वाहन

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रोहड़ू। सेब सीजन के दौरान भारी बारिश से अवरुद्ध सड़कों को बहाल करने में लोक निर्माण विभाग अभी तक कामयाब नहीं हो पाया है। यही वजह है कि बागवानों के लिए सेब की फसल को मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है। रोहड़ू उपमंडल की बात करें तो 17 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से अवरुद्ध हैं तो वहीं दर्जनों मार्ग अभी भी बड़े वाहनों के लिए बहाल नहीं हो पाए हैं।
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ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों के पर करोड़ों रुपये की लागत से बने डंगे गिरने से इन मार्गों को सेब सीजन में बहाल करना संभव नहीं हैं। ऐसे में बागवानों के लिए फसल को मंडियों तक पहुंचाना चुनौती बन गया है। बारिश के मौसम में लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों की सभी मशीनें सड़कों को बहाल करने के लिए तैनात की गई हैं लेकिन बार-बार भूस्खलन के कारण विभाग के लिए सड़कों को खोलना मुश्किल हो रहा है। दूसरी ओर सेब सीजन रफ्तार पकड़ता जा रहा है। हालत यह है कि बागवानों के लिए छोटे वाहनों से मुख्य सड़क तक सेब पहुंचाने में परेशानी आ रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की कई दीवारें पूरी ढहने से उनको छोटे वाहनों के लिए खोलना भी संभव नहीं है। वर्तमान में निचले क्षेत्र में सेब सीजन शुरू हो गया है। लेकिन तंग सड़कों पर लाखों पेटियों सेब ढोने के लिए अभी छोटे वाहनों की कमी भी आड़े आ सकती है। वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्र के बागवानों को भी सेब को मंडियों तक पहुंचाने की चिंता सताने लगी है। लोनिवि रोहड़ू मंडल के अधिशासी अभियंता राहुल सूद ने बताया कि बंद सड़कों को बहाल करने का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि रविवार सुबह तक रोहड़ू मंडल में 17 सड़कें वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश सड़कों को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। कई जगह पर पूरी दीवार गिर गई या पूरी सड़क धंस गई है। वहीं दूसरी तरफ लोग अपने बगीचे और जमीन नहीं काटने दे रहे हैं। निचली तरफ दीवारें लगाने में अभी समय लगेगा।
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पंदपुर छाजपुर के बागवानों ने पेश की मिसाल
जुब्बल तहसील के तहत नंदपुर पंचायत और अंटी पंचायत के बागवानों ने अपने सेब को मंडियों तक पहुंचाने के लिए खुद सड़क बहाल करके मिसाल पेश की है। पंचायत के लोगों ने खुद लाखों रुपए का चंदा जुटाकर अपनी-अपनी पंचायतों में सड़क को खोलने के लिए मशीनें किराये पर तैनात की हैं।

गांव के दर्जनों लोग सड़क खोलने में मशीनों के साथ काम कर रहे हैं। दोनों पंचायतों में मशीनों से 15-15 किलोमीटर सडकें बडे़ वाहनों के लिए बिना सरकार के सहयोग से बहाल की हैं। जुब्बल उपंडल के तहत इन दोनों पंचायतों में सबसे अधिक सेब का उत्पादन होता है।
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