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Rampur Bushahar News: बाढ़ प्रभावितों को एक साल बीते जाने पर भी नहीं मिला सुरक्षित ठिकाना

Sat, 15 Jun 2024 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
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पिछला बरसात से प्रभावित सरपारा पंचायत के कांधार गांव
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बीते साल बादल फटने से आई थी बाढ़, मकानों में आई हैं दरारें
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बरसात नजदीक आने से ग्रामीणों को सता रहा अनहोनी का डर
मोहन मेहता

ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। रामपुर के सरपारा पंचायत में कांधार के लोगों को एक साल से सुरक्षित ठिकाना नहीं मिल पाया है। बीते साल बाढ़ आने से काफी नुकसान हुआ था, जिसके बाद यहां नाला और गहरा बन गया है। जिससे लेागों के लिए यहां रहना खतरे से खाली नहीं है। बाढ़ प्रभावितों ने सरकार से सुरक्षित जगह पर बसाने की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग को अनसुना किया जा रहा है। कांधार गांव के ऊपर बाढ़ आने के बाद आईं दरारों से ग्रामीणों डर के माहौल मे जी रहे हैं। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रभावित गांवासियों को दूसरी जगह नहीं बसाया गया। बरसात निकट आने से कांधार गांव के 80 परिवारों को खतरा सताने लगा है।

बता दें कि बीते वर्ष 25 जुलाई को कांधार गांव में बादल फटने से कई परिवारों के घर और पशु बाढ़ में बह गए थे। जबकि दर्जनों परिवारों के घर क्षतिग्रस्त होने से गिरने के कगार पर हैं। बाढ़ में बहे छह परिवारों को राहत के रूप में सात-सात लाख की राशि तो बांटी, लेकिन गिरने के कगार पर खड़े मकान मालिकों को कोई राहत राशि नहीं दी। सरकार ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त रास्तों के लिए भी कोई राशि जारी न करने से ग्रामीण आज भी टूटे रास्तों से खतरे के साये में चलने को मजबूर हैं।
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अपना आशियाना गवां चुके कांधार वासी सुरेंद्र, रमेश, नरेंद्र लाल, मोहन भांडिया, सुभाष और गोपाल ने बताया कि उन्हें नया घर बनाने के लिए सरकार ने कुछ राहत दी, लेकिन मकान बनाने के लिए सरकारी रेट पर सीमेंट उपलब्ध नहीं कराया गया है। सरकार ने लोगों को सुरक्षित जगह बसाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है और अब दोबारा बरसात आने वाली है, जिस कारण उन फिर से जान बचाने का खतरा मंडरा रहा है। पंचायत प्रधान मोहन कपाटिया ने बताया कि गांव को दूसरी जगह बसाने की योजना तो थी, लेकिन वह अभी पूर्ण नहीं हो पाई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 70 परिवारों को मकान बनाने के लिए डेढ़-डेढ़ लाख की राशि स्वीकृत करवाई गई है। कांधार गांव के क्षतिग्रस्त रास्ते के लिए भी कोई विशेष राशि नहीं मिली।
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कोट
लोगों ने अपने-अपने हिसाब से दूसरी जगह मकान बनाए हैं। दूसरे स्थान पर गांव को बसाने के लिए जगह की आवश्यकता है। भविष्य में यदि कोई आपदा की संभावना होगी तो उससे निपटने के लिए प्रशासन तैयार है।

-जय चंद, तहसीलदार, रामपुर

पिछला बरसात से प्रभावित सरपारा पंचायत के कांधार गांव

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