कहा, प्रभावितों को न रोजगार और न ही घराें में आईं दरारों का मिल रहा मुआवजा, जमकर की नारेबाजी
बोले, परियोजना प्रबंधन की मनमानी प्रभावितों पर पड़ रही भारी, जल्द मांगें पूरी करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। लंबे समय से लूहरी परियोजना की मनमानी प्रभावितों पर भारी पड़ रही है। परियोजना में न तो प्रभावितों को रोजगार दिया जा रहा है और न ही प्रदूषण और घरों में आई दरारों का मुआवजा दिया जा रहा है। बुधवार को हिमाचल किसान सभा के आह्वान पर लूहरी परियोजना प्रभावितों ने रामपुर और कोटगढ़ उपतहसील कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। परियोजना प्रभावितों ने रामपुर में नायब तहसीलदार को ज्ञापन भी सौंपा। लूहरी परियोजना संघ के अध्यक्ष कपिल, किसान सभा रामपुर खंड के सचिव प्रेम चौहान, नारकंडा किसान सभा खंड के सचिव काकू कश्यप और कृष्णा राणा ने कहा कि 210 मेगावाट की लूहरी परियोजना के निर्माण से प्रभावित पंचायतों के लोगों को बहुत नुकसान हुआ है। परियोजना के निर्माण कार्य से धूल उठने के कारण लोगों की फसलें खराब हो रही हैं। वहीं, ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें आ गई हैं, लेकिन अभी तक नुकसान का मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर 12 मार्च तक प्रदूषण और दरारों का मुआवजा नहीं दिया गया तो 13 मार्च को नीरथ में प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही मांग उठाई कि जहां सर्वे नहीं हुआ है, उन क्षेत्रों में भी सर्वे किया जाए। इस मौके पर कृष्ण लाल, वीर सिंह, जयचंद, मनोरम चौहान, जोगिंद्र, वेद, पदम, मेला राम, रेवती देवी, निशा देवी, फूला देवी, चंद्रा देवी, सुनीता देवी, मनजीत, सतपाल, राजा राम और कला देवी सहित कई अन्य मौजूद रहे।
परियोजना प्रभावितों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं प्रबंधन और प्रशासन : देवकी नंद
नित्थर (कुल्लू)। सतलुज नदी पर बन रही 210 मेगावाट की एसजेवीएन परियोजना से प्रभावित पंचायतों के ग्रामीणों ने उपतहसील नित्थर में भी बुधवार को विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान सभा के बैनर तले रोष रैली निकाली। इसके बाद बैठक कर रणनीति बनाई गई। किसान सभा ने चेताया कि अगर 12 मार्च तक प्रभावितों की मांगों को पूरा नहीं किया तो 13 मार्च को नीरथ में परियोजना प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोला जाएगा। इस दौरान प्रभावितों ने मांगों को लेकर नायब तहसीलदार के माध्यम से एसडीएम निरमंड को मांगपत्र भी दिया। प्रदर्शन को किसान सभा निरमंड अध्यक्ष देवकी नंद और लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट यूनियन के अध्यक्ष कपिल ने कहा कि लूहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट 210 मेगावाट के निर्माण से प्रभावित पंचायतों के लोगों को काफी नुकसान हुआ है। 16 फरवरी को नीरथ में प्रशासन, सतलुज जल विद्युत निगम और किसान सभा के बीच सहमति बनी थी कि जहां प्रदूषण और दरारों का सर्वे हो चुका है, उसका मुआवजा और जहां सर्वे नहीं हुआ है, उसका सर्वे 12 मार्च तक करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक इस पर प्रशासन ने कोई काम शुरू नहीं किया है। प्रशासन और परियोजना प्रबंधन प्रभावितों की समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। इस मौके पर कृष्ण लाल, वीर सिंह, जय चंद, हरशैई, मनोरम चौहान, जोगिंदर, वेद, मेला राम, रेवती देवी, निशा देवी, फूला देवी, चंद्रा देवी, नोहगी देवी, मेहरू दासी, निहाल चंद, बिरमा देवी, सुनीता देवी, मनजीत, सतपाल, राजा राम और कला देवी सहित अन्य मौजूद रहे।