राजनीतिक हस्तक्षेप होने से लटका कॉलेज भवन का निर्माण कार्य, विभाग आज तक शुरू नहीं कर पाया टेंडर प्रक्रिया
कॉलेज भवन का निर्माण होने से 26 पंचायतों के विद्यार्थियों को घरद्वार पर मिलेगी बेहतर शिक्षा
धर्मेंद्र सिंह बोज्ञाटो
निरमंड (रामपुर बुशहर)। 26 पंचायतों के विद्यार्थियों को घरद्वार पर शिक्षा मुहैया करवाने के लिए खोला गया निरमंड कॉलेज सरकार और विभाग की लापरवाही से पिछले आठ सालों से प्राथमिक स्कूल के भवन में चल रहा है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है, तो वहीं उन्हें कई प्रकार की सुविधाओं से महरूम रहना पड़ रहा है। निरमंड में करीब 18 करोड़ की लागत से कॉलेज भवन का निर्माण होना है लेकिन लोक निर्माण विभाग निरमंड आठ सालों से कॉलेज भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी नहीं कर पाया है। भवन की सुविधा न होने से कॉलेज में अभी तक कला संकाय और वाणिज्य संकाय में ही पढ़ाई हो पा रही है जबकि कक्षाओं के अभाव में विज्ञान संकाय की पढ़ाई शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में विज्ञान संकाय में पढ़ाई करने के लिए क्षेत्र के विद्यार्थियों को कई किलोमीटर दूर दूसरे कॉलेजों का रुख करना पड़ रहा है। प्राथमिक स्कूल भवन में स्थान के अभाव के कारण कला संकाय की पढ़ाई भी महज पांच विषयों तक ही सीमित है। निरमंड कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि भवन निर्माण के लिए वन विभाग से मंजूरी और राजस्व विभाग से सभी औपचारिकता पूरी कर ली गई हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग निरमंड अभी तक टेंडर नहीं लगा पा रहा है। डिग्री कॉलेज 21 जून 2016 से शुरू हुआ है, तबसे आज तक भवन का निर्माण कार्य शुरू तक नहीं हो पाया है। दो दिन पहले कॉलेज की ओर से प्राचार्य डॉ. राजन नेगी और एनसीसी कैप्टन एवं प्रोफेसर संदीप ठाकुर सहित राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर भूमि की पैमाइश करवाई। किसान सभा के पूर्ण चंद और देवकी नंदन ने कहा कि सरकार ने आउटर सराज के निरमंड में डिग्री कॉलेज तो खोल दिया है। इससे यहां के छात्र और छात्राओं को क्षेत्र में ही कॉलेज की पढ़ाई करने का मौका मिला है। डिग्री कॉलेज भवन निर्माण के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है, जिस पर कॉलेज का भव्य भवन परिसर, खेल मैदान का निर्माण होना है लेकिन सरकार और विभाग की अनदेखी के कारण क्षेत्र के युवाओं को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि निरमंड में डिग्री कॉलेज निर्माण की औपचारिकता पूरी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाए। कॉलेज के लिए जो भूमि चयन हुई है, उस स्थान पर ही कॉलेज बनना चाहिए। लोगों का आरोप है कि कॉलेज भवन का निर्माण कार्य राजनीति हस्तक्षेप के कारण आज तक लटका हुआ है। उन्होंने सरकार हजारों युवाओं की सुविधा को देखते हुए जल्द कॉलेज के निर्माण की मांग उठाई है।
निरमंड कॉलेज के भवन के निर्माण को लेकर कॉलेज प्रबंधन और राजस्व विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली है। वन विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है लेकिन लोक निर्माण विभाग निरमंड ने अभी तक टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की है। इसके का कारण भवन निमार्ण कार्य में आज तक शुरू नहीं हो पाया है।
डाॅ. राजन नेगी, प्राचार्या निरमंड कॉलेज
कोट्स
टेंडर प्रक्रिया शुरू होने पर लगेंगे चार से पांच महीने : संजय शर्मा
निरमंड कॉलेज भवन के निर्माण के लिए पहले रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। अब समस्या हल होने के बाद भवन के डिजाइन में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के इलेक्ट्रिक विंग शिमला से कुछ औपचारिकताएं पूरी नहीं शेष हैं। इसमें समय लग रहा है। चार से पांच महीने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू करके जल्द भवन का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
संजय शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग निरमंड