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Rampur Bushahar News: नगर पंचायत आनी का पंचायतीराज में समावेश, अधिसूचना जारी

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हरिकृष्ण शर्मा
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आनी (कुल्लू)। करीब पौने तीन साल नगर पंचायत रहने के बाद आनी कस्बा अब पांच पंचायतों में शामिल कर दिया गया है। इस संबंध में प्रदेश सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। तीन साल पूर्व सरकार ने क्षेत्र के लोगों की मांग और विभिन्न समस्याओं को देखते हुए कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा दिया था।

इसमें क्षेत्र की पांच पंचायतों से काटकर आनी को नगर पंचायत बनाया गया, जिससे कस्बे का सुनियोजित विकास हो सके। इसी बीच कुछ लोगों ने नगर पंचायत के गठन खिलाफ कुछ आपत्तियां लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। इसके बाद प्रदेश उच्च न्यायालय ने आपत्तियां सही पाने के बाद सरकार से वैधानिक प्रक्रिया न अपनाने का हवाला देते हुए नगर पंचायत को निरस्त कर दिया।
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हाईकोर्ट ने अपने आदेशों में सरकार को निरस्त करने के बाद आनी को वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए फिर से नगर पंचायत बनाने की बात कही थी। इसके बाद नगर पंचायत में चुनकर आए सदस्यों ने हाईकोर्ट ने पुनर्विचार याचिका दायर की लेकिन नगर पंचायत को यहां भी राहत नहीं मिल सकी। नगर पंचायत के सदस्यों ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है लेकिन इससे पूर्व सरकार ने नगर पंचायत के सभी कटे क्षेत्रों को वापस पांच पंचायतों में शामिल करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

नगर पंचायत आनी का दर्जा छिनने के बाद अब सभी संबंधित वार्ड अपनी-अपनी पुरानी पंचायतों में शामिल हो जाएंगे लेकिन इसको लेकर अभी भी लोगों में कई सवाल हैं। पहला सवाल यह है कि जो वार्ड जिन पंचायतों में वापस गए हैं, उन्होंने उन पंचायतों के प्रतिनिधियों को वोट देकर नहीं चुना है। ऐसे में एक पूरा वार्ड ऐसे प्रतिनिधि के साथ कैसे जाए, जिसे चुनावों में उन्होंने वोट नहीं दी।

दूसरा सवाल यह है कि नगर पंचायत की संपत्तियां भी अब विभिन्न पंचायतों में बंट गई हैं। ऐसे में नगर पंचायत द्वारा नीलाम की गई कार पार्किंग भी निरस्त होगी। इसके अलावा खेल मैदान, राजा रघुवीरसिंह मैदान का क्या होगा? आनी और बखनाओं पंचायतों में बने भवन और उनसे वसूला जाने वाला राजस्व को लेकर क्या फिर से नीलामी होगी। लोगों के मन में तीसरी चिंता इस बात की है कि आनी के नदी-नाले जो गंदगी से लबालब रहते थे।

नगर पंचायत घर-घर जाकर जो सफाई व्यवस्था बनाकर गई है, वो पंचायतें अब उसे पटरी पर ला पाएंगी या नहीं। वहीं नगर पंचायत के अस्तित्व को बचाने की कोशिशों को भी इसके साथ ही विराम लग गया है। अब देखना यह होगा कि पंचायत में शामिल इस कस्बे में लोगों को वे सभी सुविधाएं मिल सकेंगी या नहीं जिनकी उन्हें नगर पंचायत बनने के बाद उम्मीद थी।
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पांच पंचायतों से बनी नगर पंचायत के सभी क्षेत्रों को वापस पुरानी तर्ज पर वार्डों को उन्हीं पंचायतों में शामिल किया गया है। इसकी अधिसूचना सचिव पंचायतीराज विभाग ने जारी कर दी है। आनी की पार्किंग और अन्य राजस्व के बारे में विचार-विमर्श कर उचित कार्रवाई की जाएगी। अमनदीप सिंह, सहायक आयुक्त, खंड विकास अधिकारी आनी
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