रामपुर बुशहर। जुलाई से शुरू हुआ भारी बरसात का दौर अभी भी थमने का नाम नहीं ले रहा। भारी बरसात से रामपुर उपमंडल की सड़कों को खासी क्षति पहुंची है। उपमंडल के करीब पांच दर्जनों ग्रामीण रूट एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाए हैं।
ऐसे में हजारों लोगों को आवाजाही में भारी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। शनिवार को उपमंडल 55 रूटों पर बस सेवाएं ठप रहीं। इससे उपमंडल रामपुर में भारी बरसात के कारण परिवहन व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। रामपुर के अधिकांश ग्रामीण रूट अभी भी यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाए हैं।
ननखड़ी तहसील सहित 12/20, 15/20, रोहड़ू और कुल्लू सहित अन्य रूटों पर परिवहन निगम की बसों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। उपमंडल में 19 रूटों पर संभावित स्थानों तक ही निगम की बसों को भेजा जा रहा है। रामपुर और आनी उपमंडल के ग्रामीण इलाकों में परिवहन निगम करीब 16 बसें फंसी हुई हैं, जो सड़क बहाली के बाद ही रूटों पर चल पाएंगी। परिवहन सेवाएं ठप होने के कारण निगम प्रबंधन को रोजाना लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
अब सड़कों के बहाल होते ही हजारों ग्रामीणों को राहत मिल पाएगी। परिवहन निगम रामपुर के अड्डा प्रभारी राजेंद्र पाल ने बताया कि रामपुर उपमंडल के 55 ग्रामीण रूट बसों की आवाजाही के लिए ठप पड़े हैं, जबकि रामपुर और आनी में 16 बसें सड़कें बाधित होने के कारण फंसी हुई हैं। उपमंडल के 19 रूटों पर एचआरटीसी की बसों को जहां तक संभव है, वहां तक भेजा जा रहा है। रामपुर से शिमला और किन्नौर की ओर एचआरटीसी की बसों की बराबर आवाजाही हो रही है।