आनी (कुल्लू)। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर कुल्लू जिले के सराज क्षेत्र में लोगों ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बाहरी क्षेत्रों में नौकरी करने वाले लोग भी पर्व मनाने के लिए अपने घर पहुंच चुके हैं और महाशिवरात्रि के महापर्व मनाने को लेकर सभी तरह की खरीदारी कर ली है। आनी में तीन दिन पूर्व से ही महाशिवरात्रि पर्व मनाने की परंपरा शुरू हो गई है। महाशिवरात्रि पर्व पर पूरी रात लोग एक-दूसरे के घरों में भजन-कीर्तन, आध्यात्मिक भजन, नटाउक और जती गाकर भगवान शिव की अराधना करते हैं। वहीं, तेल के पकवानों से विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का भोग लगाकर एक-दूसरे को बांटते हैं।
महाशिवरात्रि को होता है भोले का विधिवत शृंगार
सराज में महादेव को लिंग रूप में लोग अपने-अपने घरों में विराजमान करते हैं और महादेव का सोलह शृंगार कर सजाते हैं। पूरी रात महादेव के समक्ष पौराणिक गीत-संगीत गाकर गांववासी झूम उठते हैं। लिंग रूप में स्थापित महादेव का दूसरे दिन विधिवत विसर्जन किया जाता है। महाशिवरात्रि पर रातभर लोग गीत-संगीत में मग्न रहते हैं, वहीं दूसरे दिन ब्रह्ममुहूर्त में महादेव का विधिवत विसर्जन करते हैं। कई गांवों में दिनभर स्वांग नृत्य और गीत गाकर महाशिवरात्रि पर्व मनाते हैं।