सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के निगुलसरी में फिर से पहाड़ी धंसना शुरू हो गई है। शनिवार दोपहर बाद निगुलसरी-तरांडा सड़क पर भारी भूस्खलन होने के कारण सड़क तीन स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके कारण नेशनल हाईवे पांच भी अवरूद्ध हो गया है। इससे हजारों लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही है। जनजातीय जिला किन्नौर में भारी बारिश का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिले की सांगला वैली के बाद अब निगुलसरी-तरांडा मार्ग भी भूस्खलन की चपेट में आ गया है।
शनिवार दोपहर करीब दो बजे पहाड़ी से भारी भूस्खलन होने के कारण निगुलसरी तरांडा सड़क दो स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। इस कारण तरांडा पंचायत का संपर्क देश दुनिया से कट गया है। ऐसे में तरांडा, ननस्पो, छौंडा और थाच गांव की हजारों की आबादी को आने वाले में परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। वहीं पहाड़ी से मलबा गिरने से नेशनल हाईवे पांच निगुलसरी में जीरो प्वाइंट के पास अवरूद्ध हो गया है। एनएच पर भारी भरकम चट्टानें और मलबा आने से जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित पूह काजा का संपर्क कट गया है। ऐसे में जिले के लोगों की आवाजाही ठप हो गई है।
ग्राम पंचायत प्रधान तरांडा हरि भगत नेगी, बीडीसी सदस्य पवन नेगी, जिला युवा मोर्चा अध्यक्ष प्रवीन मोयान, बूथ अध्यक्ष अरुण बिष्ट ने बताया कि भूस्खलन के कारण तरांडा पंचायत का संपर्क कट गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग से जल्द क्षतिग्रस्त सड़क को दुरुस्त कर यातायात बहाल करने की मांग उठाई है। लोक निर्माण विभाग भावानगर के अधिशासी अभियंता प्रमोद उप्रेति ने बताया कि सड़क को भूस्खलन से नुकसान होने की सूचना मिली है। मौसम खुलते ही मार्ग को दुरुस्त करने का कार्य शुरू होगा। नेशनल हाईवे प्राधिकरण के एसडीओ आनंद शर्मा ने बताया कि भूस्खलन से बाधित एनएच को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। जल्द ही एनएच पर वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी जाएगी।