इस बार मंडी संसदीय सीट से घटी प्रत्याशियों की संख्या, 2019 में में 16, 2024 में 10 उम्मीदवार थे चुनावी मैदान में
रतन लाल नेगी
रिकांगपिओ (किन्नौर)। 18वें लोकसभा चुनाव को लेकर हिमाचल में 1 जून को मतदान होगा। चुनाव में इस बार भी भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है। हालांकि मंडी संसदीय क्षेत्र में इस बार बीते चुनाव की अपेक्षा प्रत्याशियों की संख्या कम है। वर्ष 2019 में हुए लोस चुनाव में मंडी सीट से सबसे अधिक 16 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे थे जबकि इस बार इस सीट से 10 प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। चुनावी जंग लड़ रहे हैं। हालांकि मंडी संसदीय क्षेत्र में इस बार बीते चुनाव की अपेक्षा प्रत्याशियों की संख्या कम है। वर्ष 2019 में हुए लोस चुनाव में मंडी सीट से सबसे अधिक 16 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे थे जबकि इस बार इस सीट से 10 प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। चुनावी जंग लड़ रहे हैं। गौर हो कि मंडी संसदीय क्षेत्र में विभिन्न जिलों की 17 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें कांग्रेस की चार जबकि शेष 13 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। मंडी लोकसभा सीट से जीतने वाले प्रत्याशियों का भविष्य किन्नौर के मतदाता भी करते हैं। अब तक घोषित हुए परिणामों का आंकड़ा देखें तो किन्नौर से जिस प्रत्याशी को बहुमत मिला है, वही प्रत्याशी लोस चुनाव जीते हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के लिए किन्नौर जिले में कुल 60,708 मतदाता पंजीकृत हुए हैं। इमें 29,874 पुरुष और 30,069 महिला मतदाता शामिल हैं। वहीं सर्विस वोटरों की संख्या 765 है। इस बार मंडी लोकसभा चुनाव में कुल 10 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें कांग्रेस पार्टी से विक्रमादित्य सिंह, भाजपा से कंगना रणौत, बसपा के प्रकाश चंद, राष्ट्रीय देव भूमि पार्टी के नरेंद्र कुमार, अखिल भारतीय परिवार पार्टी के विनय कुमार, हिमाचल जनता पार्टी के हिमेश सैनी, निर्दलीय दिनेश कुमार, सुभाष मोहन स्नेही, राखी गुप्ता और आशुतोष महंत चुनाव मैदान में हैं। बात करें वर्ष 2009 की तो उस चुनाव में छह प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे। इस चुनाव में कुल 35,095 मत पड़े थे। इसमें वीरभद्र सिंह को 17,809 मत, महेश्वर सिंह को 15,041 मत और डॉ. ओंकार शाद को 1,075 मत पड़े थे। वर्ष 2013 में हुए लोकसभा उपचुनाव में कुल चार प्रत्याशी मैदान में थे और कुल 27,513 मत पड़े थे। इसमें प्रतिभा सिंह को 19,280 मत, जयराम ठाकुर को 7,691 और लवण कुमार को 274 मत मिले थे। वर्ष 2014 में मंडी लोकसभा के चुनावी मैदान में कुल नौ प्रत्याशी मैदान में उतरे थे और कुल 36,478 वोट पड़े थे। इस चुनाव में पहली बार नोटा की शुरूआत हुई थी और 273 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया था। इस चुनाव में प्रतिभा सिंह को सबसे अधिक 18,844 मत, रामस्वरूप शर्मा को 16,206 मत और जय चंद शर्मा को 436 मत पड़े थे। 2019 के लोस चुनाव की बात करें तो इसमें कुल 16 प्रत्याशी चुनाव लड़े। किन्नौर से कुल 41,062 मत पड़े, इसमें 250 मतदाताओं ने सभी मतदाताओं को नकारते हुए नोटा का बटन दबाया था। इस चुनाव में सबसे अधिक वोट रामस्वरूप शर्मा को 22,346, आश्रय शर्मा को 15,298 और गुमान सिंह को 1592 मत मिले थे। इसके बाद सांसद रामस्वरूप की मृत्यु हुई और 2021 में उप चुनाव हुए। इसमें कुल छह प्रत्याशी चुनाव लड़े। किन्नौर में कुल 31,502 मत पड़े, जिसमें 1006 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया। इसमें प्रतिभा सिंह को 17,543 वोट, ब्रिगेडियर खुशाल चंद ठाकुर को 12,566 और अंबिका श्याम को 217 मत हासिल हुए थे। बात वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव की करें तो इस बार भी मुकाबला रोचक बना हुआ है। जनजातीय जिले में मतदान प्रतिशतता बढ़ाने के लिए जिला निर्वाचन आयोग मतदाताओं को लगातार जागरूक कर रहा है। इससे उम्मीद है कि मतदान प्रतिशतता में भी सुधार होगा। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि क्या किन्नौर से बढ़त पाने वाला प्रत्याशी जीत दर्ज करता है या फिर नई रिवायत इस चुनाव में देखने को मिलेगी।
कोट्स
गांव-गांव जाकर लोगों को किया जा रहा जागरूक : उपायुक्त
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए जिले के 40 विभिन्न स्थानों पर स्वीप कार्यक्रम किए गए। स्कूल, कॉलेज और गांव-गांव जाकर नुक्कड़ नाटक, विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कर मतदान में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई है।