दलाश (कुल्लू)। क्षेत्र की व्युंगल पंचायत का गुंगी गांव भूस्खलन के कारण खतरे की जद में आ गया है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव के पीछे से पहाड़ी दरकना शुरू हो गई है। इस कारण बीती सोमवार रात करीब 3:00 बजे गांव के कुछ घरों के पीछे मलबा आ घुसा और मकान खतरे की जद में आ गए।
रातभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रशासन ने एहतियातन सात घरों को खाली करवाया है। सूचना मिलते ही विधायक लोकेंद्र कुमार और आनी प्रशासन मौके पर पंहुचा। गौर हो कि बीते वर्ष भी अगस्त माह में गांव को बरसात के महीने में खतरा पैदा हो गया था। तब भी आनी प्रशासन मौके पर पहुंचा था और लोगों को इसके समाधान का आश्वासन दिया था लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी गांव के पीछे दरकती इस पहाड़ी को बचाने के लिए प्रशासन और सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इस कारण इस साल दोबारा गांव को खतरा पैदा हो गया है।
सोमवार रात को जब गांव में भूस्खलन हुआ तो रात को गांव में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। लोग बच्चों और परिवार को बचाने के लिए ईधर-उधर भागते रहे। सूचना मिलते ही सुबह विधायक और प्रशासन मौके पर पहुंचे और खतरे की जद में आए मकानों को खाली करवाया। इसके बाद परिवारों को सुरक्षित स्थानों ठहराया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावितों को राजकीय प्राथमिक पाठशाला रमोही में खाने और रहने की व्यवस्था की गई है। आनी के विधायक लोकेंद्र ने लोगों को आश्वासन दिया कि गांव और लोगों के घरों को कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। गांव को सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासन से बातचीत हुई है।
एसडीएम आनी नरेश वर्मा ने बताया कि 7 घरों को नुकसान पहुंचा है। गुंगी गांव के लोगों को साथ लगते रमोही गांव में शिफ्ट किया जा रहा है। यहां उनके रहने और खाने का प्रबंध प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। गांव के पीछे जहां से पानी का रिसाव हो रहा है, वहां से पानी को पाइप के जरिए निकाला जा रहा है। इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष कुल्लू पंकज परमार, बीडीसी अध्यक्ष आनी विजय कंवर, कांग्रेस के विधानसभा प्रत्याशी बंसी लाल, व्युंगल पंचायत प्रधान जालप राम, तहसीलदार दलीप शर्मा, एसडीओ जलशक्ति विभाग डीडी ठाकुर, एसडीओ लोनिवि ज्ञान भारती, पुलिस प्रशासन सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।