भावानगर (किन्नौर)। किन्नौर जिले की दुर्गम पंचायत रूपी के लिए सड़क का निर्माण तो हुआ, लेकिन सड़क सालों से खस्ताहालत में हैं। इस वजह से क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। क्षेत्र के हजारों पिछले कई सालों से मार्ग के पक्का होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन उनकी यह आस पूरी होती नजर नहीं आ रही है।लोगों का कहना है कि सरकार और लोक निर्माण विभाग पांच वर्ष के बाद भी सड़क को पक्का करने के लिए बजट का प्रावधान नहीं कर पाए हैं। ऐसे में हजारों ग्रामीण गड्ढों में तबदील हुई सड़क पर रोजाना सफर कर रहे हैं। इसको लेकर ग्रामीणों में सरकार और विभाग की अनदेखी को लेकर खासा रोष है।
गौर हो कि आजादी के कई दशक बीतने के बाद वर्ष 2019 में रूपी पंचायत को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण का कार्य पूरा हुआ। इसके बाद ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि जल्द सड़क चकाचक होगी और हजारों ग्रामीणों को बेहतर आवाजाही की सुविधा मिलेगी। वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने करीब 27 किलोमीटर सड़क का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बने इस मार्ग को पक्का करने के लिए अब तक बजट का प्रावधान नहीं हो पाया है। वर्तमान समय में सड़क जगह-जगह गड्ढों में तबदील हो चुकी है। कई जगह सड़क इतनी दयनीय स्थिति में है कि हर समय हादसे होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों की बार-बार की मांग के बाद भी सड़क की हालत सुधारने के प्रयास नहीं हो पा रहे हैं।
पूर्व प्रधान रूपी रघुदास नेगी, उप प्रधान मुकेश नेगी, महिला मंडल अध्यक्ष डबलिंग चंद्रकांता नेगी, टेरेस नारायण मंदिर कमेटी अध्यक्ष कृष्ण लाल नेगी, जय सिंह नेगी, शिव कुमार नेगी, धर्मपाल नेगी, हरीश कुमार नेगी, रजनीश नेगी, रोशन लाल नेगी, अजय नेगी, पुरुषोत्तम नेगी सहित अन्य ने कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद ग्रामीणों को बेहतर सड़क का लाभ नहीं मिल पा रहा। ग्रामीणों खतरों के साये में सफर कर रहे हैं। इस सड़क से रूपी पंचायत के बूरंग, पौश्पा, शिगारचा, गुरगुरी, डबलिंग, नालिंग एक, नालिंग दो और मझगांव के तीन हजार ग्रामीण लाभान्वित होते हैं, जो वर्षों से दिक्कतें झेल रहे हैं।
कोट्स
सड़क को पक्का करने के लिए विभाग के पास कोई बजट नहीं आया है। खस्ताहाल सड़क को सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग जल्द मशीन तैनात कर सड़क के गड्ढे भरेगा।
प्रमोद उप्रेति, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग भावानगर