रिकांगपिओ (किन्नौर)। हिमाचल पथ परिवहन निगम रिकांगपिओ डिपो ने पिछले 25 वर्षों से चल रहे रिकांगपिओ-चारंग बस रूट को बंद कर दिया है। इससे मूरंग तहसील के हजारों लोगों को आवाजाही में परेशानियां झेलनी पड़ रही है।
पंचायत के बाशिंदों ने परिवहन निगम प्रबंधन से इस रूट को बहाल कर ग्रामीणों को राहत देने की मांग की है। मूरंग पंचायत प्रधान अनूप नेगी ने बताया कि करीब 25 वर्षों से हिमाचल पथ परिवहन रिकांगपिओ डिपो की बस रोजाना रिकांगपिओ से सुबह 8:30 बजे चलती थी और शाम को तीन बजे वापस रिकांगपिओ आती थी लेकिन निगम प्रबंधन ने अचानक सुबह के रूट को बंद कर शाम को चलाया जा रहा है। इससे क्षेत्र के लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अपने निजी कार्यों, तहसील कार्यालय और पुलिस थाना मूरंग में काम से सुबह इसी बस में आते थे लेकिन जबसे यह रूट बंद हुआ है, लोगों को मजबूरी में टैक्सी में भारी किराया चुकाकर आना पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीण मानसिक और आर्थिक परेशानियां झेल रहे हैं। बस सेवा न होने से टैक्सी चालक भी ग्रामीणों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। उन्होंने बताया कि रिकांगपिओ से चारंग चलने वाली बस रिब्बा, आक्पा, रिस्पा, मूरंग और ठंगी आदि ग्राम पंचायत के लोगों की सुविधा को देखते हुए शुरू की गई थी। इसके बंद होने से पंचायत के ग्रामीणों में एचआरटीसी की कार्यप्रणाली को लेकर खासा रोष है। ग्राम पंचायत मूरंग ने ग्रामसभा से प्रस्ताव पास कर क्षेत्रीय प्रबंधक रिकांगपिओ को सौंपा है लेकिन निगम अपनी मनमानी पर अड़ा हुआ है।
उन्होंने चेताया कि अगर एचआरटीसी ने शीघ्र उक्त रूट को बहाल नहीं किया गया तो सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय का घेराव करेंगे। क्षेत्र के लोगों ने कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी और निगम प्रबंधन से सैकड़ों ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए बस सेवा को यथावत चलाने की मांग की है।
परिवहन निगम रिकांगपिओ के क्षेत्रीय प्रबंधक अजेंद्र चौधरी ने बताया कि चारंग पंचायत के लोगों की मांग थी कि सुबह चलने वाले बस का समय बदलकर शाम को किया जाए और कैबिनेट मंत्री के भी यही आदेश थे। इसलिए सुबह के रूट को बंद कर शाम को किया गया है। निगम के पास बस और कर्मचारियों की भारी कमी है, इसलिए अभी सुबह रूट को चलाना संभव नहीं है।