रामपुर बुशहर। इस वर्ष हुई भारी बारिश से सरकारी और निजी संपत्ति को करोड़ों की क्षति पहुंची है। बारिश से लोनिवि, एनएच और बागवानी सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं को जहां भारी नुकसान पहुंचा है, वहीं जल शक्ति विभाग भी इससे अछूता नहीं है। रामपुर उपमंडल की बात करें तो यहां भी विभाग की करोड़ों रुपये की लागत से बनी पेयजल और सीवरेज योजनाओं को करीब 23 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है।
अब विभाग योजनाओं को बहाल करने का कार्य युद्धस्तर पर कर रहा है। रामपुर शहर सहित ग्रामीण इलाकों के लिए बनी योजनाओं को भारी बरसात ने करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया है, जिसकी भरपाई करना विभाग और सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। रामपुर उपमंडल में जुलाई से शुरू हुई बारिश ने खासी तबाही मचाई है। सड़कों सहित पेयजल योजनाओं को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है।
भूस्खलन और बाढ़ की चपेट में आने से जल शक्ति विभाग की छोटी और बड़ी सभी तरह की पेयजल और सीवरेज योजनाओं को खासी क्षति पहुंची है। सबसे अधिक नुकसान पेयजल योजनाओं को हुआ है। उपमंडल के रामपुर, 15/20, 12/20, उपतहसील तकलेच सहित ननखड़ी इलाके की पेयजल योजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। विभाग की समेज खड्ड ऊठाउ पेयजल योजना, रामपुर टाउन फेस एक और दो, धोना बरोली, खुन्नी पनोली, बाहली पनेवली, कुर्पण खड्ड पेयजल योजना और काशापाट टू डंसा ग्रुप ऑफ विलेजिज सहित अन्य पेयजल योजनाएं भारी बारिश के कारण बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वहीं रामपुर शहर की सीवरेज योजनाओं को भारी बरसात ने ध्वस्त कर दिया है।
इससे क्षेत्र के लोगों को कई दिनों तक पेयजल किल्लत से भी जूझना पड़ा। हालांकि विभाग ने वर्तमान समय में योजनाओं को वैकल्पिक रूप से रिस्टोर कर लिया है, लेकिन स्थयी तौर पर योजनाओं को दुरुस्त करने में करोड़ों रुपये की राशि खर्च होगी। जल शक्ति विभाग रामपुर के अधिशासी अभियंता आरएस नेगी ने बताया कि रामपुर उपमंडल की पेयजल और सीवरेज योजनाओं को करीब 23 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है। विभाग ने युद्धस्तर पर कार्य कर सभी योजनाओं को बहाल कर दिया है।