रामपुर बुशहर। भारी बारिश के कारण अभी भी रामपुर, आनी और निरमंड उपमंडल में लोगों की दुश्वारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। तीनों उपमंडलों में दर्जनों सड़कें अभी भी यातायात के लिए ठप हैं। इस कारण हजारों लोगों के साथ ही सेब सीजन में जुटे बागवानों की दिक्कतें बढ़ गई हैं।
रविवार को रामपुर और आनी में परिवहन निगम की 25 बसें सड़कें बाधित होने से फंसी रहीं। हालांकि नारकंडा में बाधित नेशनल हाईवे पांच पर रविवार सुबह नौ बजे से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। इससे हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है। गौर हो कि बीते आठ जुलाई से शुरू हुई बारिश का दौर अब भी नहीं थमा है। इससे लगातार हो रही बारिश के कारण यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है।
भारी बरसात से जहां लोक निर्माण विभाग को करोड़ों की चपत लगी है, वहीं परिवहन निगम को भी खासा नुकसान हुआ है। बरसात का दौर शुरू होने के बाद से अब तक अधिकांश ग्रामीण रूट यातायात के लिए ठप पड़े हैं। बात करें रामपुर उपमंडल की तो यहां ननखड़ी तहसील का संपर्क बीते कई दिनों से पूरी तरह से कटा हुआ है। यहां निगम की तीन बसें फंसी हुई हैं।
वहीं रामपुर से रोहड़ू सड़क, तकलेच मशनू, फांचा और गानवीं सहित आनी और निरमंड उपमंडल की अधिकतर सड़कें यातायात के लिए अवरूद्ध हैं। हालांकि लोक निर्माण विभाग बाधित सड़कों को बहाल करने में जुटा हुआ है लेकिन बार-बार हो रही बारिश से सड़कों को बहाल रखना विभाग के चुनौतिपूर्ण बना हुआ है। रविवार को रामपुर से शिमला और किन्नौर को छोड़कर अधिकांश ग्रामीण रूटों पर निगम की बसों की आवाजाही नहीं हुई।
रामपुर से शिमला और चंडीगढ़ के लिए सुबह नौ बजे से पहले बसों को वाया बसंतपुर होकर भेजा गया, जबकि नौ बजे के बाद नारकंडा में एनएच बहाल होने के बाद शिमला की ओर बसों सहित अन्य वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।
परिवहन निगम रामपुर के अड्डा प्रभारी स्वरूप दिवान ने बताया कि रविवार को रामपुर और आनी के विभिन्न स्थानों पर निगम की 25 बसें फंसी हैं। रामपुर से शिमला की ओर नारकंडा होते हुए सुबह नौ बजे से बसों को भेजा गया। बरसात से सड़कें बंद होने के कारण निगम को रोजाना लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।