रामपुर और आनी उपमंडल के हजारों ग्रामीण झेल रहे परेशानियां
सड़कों की हालत पहले ही खस्ता, खटारा बसें बढ़ा रहीं दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। इस वर्ष भारी बरसात से जहां ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कें खस्ता हैं। वहीं परिवहन निगम द्वारा इन क्षेत्रों में चलाई जा रहे बसें लोगों की दुश्वारियां बढ़ा रही हैं। रामपुर और आनी उपमंडल के ग्रामीण रूटों में आए दिन एचआरटीसी की बसें हांफ जाती हैं। ऐसे में यात्रियों को मजबूरन अपना सफर पैदल तय करना पड़ रहा है। ग्रामीणों की मांग के बावजूद दुर्गम क्षेत्रों के लिए पुरानी खटारा बसें भेजी जा रही हैं, जो यात्रियों को आधे रास्ते में ही खड़ा कर देती हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण रामपुर और आनी उपमंडल की सड़कों की हालत दयनीय बनी हुई है। वहीं खस्ता बनी सड़कों पर परिवहन निगम पुरानी और खटारा बसें दौड़ा रहा है। ग्रामीण इलाकों में माइलेज पूरा कर चुकी कई बसें चलाई जा रही हैं। बसें ग्रामीण रूटों पर कहीं भी खड़ी हो जाती हैं और यात्रियों को कई किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है। वहीं ऐसे में ग्रामीणों के साथ-साथ कार्यालय जाने वाले कर्मचारी और विशेषकर स्कूली बच्चे दुश्वारियों से दो चार हो रहे हैं। उपमंडल रामपुर की बाहली पंचायत का भी कुछ यही हाल है। नेहरा रूट पर चलने वाली बस अकसर रास्ते में हांफ जाती है। हर तीसरे दिन यहां बस आधे रूट पर खड़ी हो जाती है। इससे यात्रियों को दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। यही हाल आनी उपमंडल का भी है। शनिवार को आनी से कोठी रूट पर चलने वाली आखिरी बस आधे रास्ते में खड़ी हो गई और ग्रामीणों को सात किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंचना पड़ा। इससे करीब सौ मीटर दूरी पर भी निगम की बस खड़ी हुई थी। इससे पहले भी चंडीगढ़-जाबो लंबी दूरी की बस दो दिन रास्ते में जवाब दे गई। ग्रामीण रूटों पर जहां पहले ही सफर खतरनाक बना रहता है, वहीं रास्ते में कहीं भी हांफने वाली बसें हादसों का कारण बन सकती है, जिस पर सरकार और निगम प्रबंधन को गौर करने की जरूरत है।
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हर तीसरे दिन हांफ जाती हैं बसें, सरकार से उठाएंगे मामला : प्रवीना
बाहली पंचायत की प्रधान प्रवीना कुमारी ने बताया कि नेहरा रूट पर चलने वाली बस हर तीसरे दिन रास्ते में हांफ जाती है। यात्रियों को पैदल सफर तय करना पड़ रहा है। एचआरटीसी प्रबंधन से समस्या उठाई तो जवाब मिलता है कि मशीनरी है, क्या कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह समस्या प्रदेश सरकार के समक्ष उठाई जाएगी। उन्होंने उक्त रूट पर बेहतर बसें चलाने की मांग की है।