एनएच बंद होने पर इसी मार्ग से गुजरते हैं वाहन, आठ किलोमीटर मार्ग की हालत खस्ता, हिचकोले खाते हुए अस्पताल पहुंच रहे मरीज
सेना, किसान-बागवानों और पर्यटकों को झेलनी पड़ रही परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जिला किन्नौर के तहत आने वाली वांगतू-नाथपा-डेड सुंगरा सड़क की दशा दयनीय बनी हुई है। करीब आठ किलोमीटर मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे ही गड्ढे हैं। इससे मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा बना हुआ है, वहीं मरीजों को भी हिचकोले खाते हुए अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने सरकार और लोनिवि से सड़क की दशा सुधारने की मांग उठाई है। गौर हो कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उच्च मार्ग पांच नाथपा में बंद होने की स्थिति में वांगतू-नाथपा-डेड सुंगरा सड़क की वैकिल्पक मार्ग के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इस मार्ग से सेना के जवान, पर्यटक, किसान-बागवानों के अलावा अन्य हजारों लोग आवाजाही करते हैं, लेकिन सड़क की दयनीय दशा के कारण आवाजाही करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग कई स्थानों पर काफी तंग है, तो जगह-जगह गड्ढों की भरमार है। ऐसे में मार्ग पर हर समय हादसों का अंदेशा बना रहता है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कई मर्तबा सड़क की दशा सुधारने को लेकर लोक निर्माण विभाग से गुहार लगाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कोठी पंचायत प्रधान ओमप्रकाश नेगी, उपप्रधान महेश नेगी, प्रधान शुदारंग पंचायत दलीप नेगी, चांसू पंचायत के प्रधान बीरबल लोक्ट्स, प्रधान कल्पा पंचायत सरिता नेगी, पूह पंचायत प्रधान राजेश नेगी, निचार पंचायत प्रधान राजपाल नेगी, राजकमल नेगी, विजय नेगी और अनिल नेगी सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यह वैकिल्पक मार्ग काफी महत्वपूर्ण है। नाथपा में एनएच पांच बंद होने की स्थिति में इसी मार्ग से हजारों लोगों की आवाजाही होती है। उन्होंने सरकार, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से सड़क की दशा सुधारने की मांग उठाई है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
कोट्स
यह सड़क परियोजना के अधीन है। यहां पर टारिंग और मैटलिंग कार्य संभव नहीं है। लोगों की समस्याओं को देखते हुए फिर भी सड़क की खस्ताहालत को सुधारने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
प्रमोद उपरेती, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग भावानगर
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