दो अक्तूबर को भी मंदिर में चोरी की घटना हुई थी सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई वारदात
पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बना चोरों को पकड़ना, जांच में जुटी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। देवभूमि हिमाचल में चोर मंदिरों को निशाना बना रहे हैं। रामपुर उपमंडल की नोग वैली स्थित शिकारी काली माता मंदिर में चोरों ने तीन माह के भीतर दूसरी बार चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने इस बार मंदिर के दानपात्र से चढ़ावे की रकम को चुराया है। दानपत्र को मंदिर के पीछे से बरामद किया गया है। वहीं पुलिस के लिए भी चोरी की गुत्थी को सुलझाना टेढ़ी खीर बना हुआ है। हालांकि इससे पूर्व मंदिर में हुई चोरी की वारदात सीसीटीवी कैमरों में दर्ज हो गई है। बावजूद इसके पुलिस अभी तक चोरों को पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाई है।
जानकारी के मुताबिक शिकारी काली माता मंदिर में तीन माह के अंतराल में बीते मंगलवार को चोरों ने एक बार वारदात को अंजाम दिया है। मंदिर समिति के प्रधान खेल चंद नेगी ने बताया कि बीते साल दो अक्तूबर की रात को भी चोरों ने मंदिर में सीसीटीवी कैमरों को तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। कैमरे में एक महिला और पुरुष नकाब पहने नजर आ रहे थे लेकिन पुलिस चोरी की गुत्थी सुलझाने में कामयाब नहीं हो पाई है। परशुराम मंदिर समिति का कैमरों को फिर से स्थापित न करने के कारण चोरों का पता लगाना और मुश्किल हो गया है। चोरी की घटना में खिड़की में लगी ग्रिल को खोलकर चोर मंदिर में दाखिल हुए। पहले की तरह इस बार भी घटना को अंजाम दिया। हालांकि इस बार मंदिर के मुख्य गेट के लगे ताले से छेड़छाड़ नहीं की गई है। लोगों के मुताबिक दान पात्र मंदिर की पिछली ओर खाली पड़ा था। दानपात्र में कितना चढ़ावा था, इसका पता नहीं चल पाया है। मंदिर समिति प्रधान खेल चंद नेगी और महासचिव जीएल डमालू ने बताया कि चोरी की घटना के सिलसिले में मंदिर समिति के पदाधिकारी और सदस्य शुक्रवार को थाना प्रभारी से मुलाकात करेंगे और चोरी की घटना में संलिप्त लोगों का पता लगाकर कड़ी कार्रवाई करने की मांग करेंगे। थाना प्रभारी रामपुर कर्मचंद ठाकुर का कहना है कि चोरी की घटना में शामिल लोगों का पता लगाना मुश्किल है। मंदिर समिति के कार कारिंदे के साथ विचार-विमर्श कर अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।