रोहडू। उपमंडल रोहडू की तहसील चिड़गांव के तहत कलोटी गांव के समीप लैला खड्ड में बादल फटने के बाद आई बाढ़ में बहने से दादा, दादी और पोता लापता है। हालांकि शाम को दादा का शव घटना स्थल से चार किलोमीटर दूर पब्बर से बरामद किया गया है। वहीं जिला प्रशासन अन्य लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च अभियान चला रहा है। वहीं खड्ड में आई बाढ़ में करीब वाहन दब गए।
इससे लोगों को लाखों का नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह सूचना मिली कि लैला खड्ड में बादल फटने के बाद सड़क के साथ ढाबा चलने वाले डिसवाणी पंचायत के जगोटी गांव निवासी रोशन लाल, उनकी पत्नी भागा देवी और पोता कार्तिक लापता हो गए हैं। तीनों रात को ढाबे में ही ठहरे थे। सुबह उनके ढाबे के स्थान पर मलबे के ढेर लगे थे। सूचना के बाद एसडीएम रोहडू सन्नी शर्मा होमगार्ड के जवानों सहित मौके पर पहुंचे। इस दौरान तलाशी के लिए दो जेसीबी मशीनाें को लगाया गया लेकिन उनका कोई पता नहीं चल रहा।
मलबे में तलाशी के बाद अब उनके पब्बर नदी में बहने की आशंका है। देर शाम पब्बर से दादा रोशन लाल का शव बरामद कर लिया गया है। खड्ड के मलबे में लायक राम, संगीता, नरेंद्र, देवदत्त शर्मा, महेंद्र शिशुपाल की कार और जीप सहित सात वाहन बह गए हैं। मुख्य संसदीय सचिव मोहन लाल ब्राक्टा ने भी मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया है। उन्होंने प्रभावितों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। भारी बारिश के बाद शनिवार को रोहड़ू उपमंडल के ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश सड़कें जगह-जगह पर भूस्खलन के बाद वाहनों के लिए बंद हो गई हैं।
उधर क्षेत्र में शनिवार को मोबाइल नेटवर्क भी पूरी तरह ठप होने के कारण लोगों का दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क नहीं हो रहा। एसडीएम सन्नी शर्मा ने बताया कि लैला में तीन लोग लापता थे। वहीं कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा देर शाम रोशनल लाल का शव बरामद कर लिया गया है।