फ्लावरिंग के समय तापमान में उतार-चढ़ाव से सेटिंग पर पड़ सकता प्रतिकूल असर, फसल प्रभावित होने का खतरा
बारिश के साथ आंधी से बागवानों के माथे पर खींची चिंता की लकीरें
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर/डंसा। रामपुर उपमंडल के सेब बहुल क्षेत्रों में आजकल फ्लावरिंग का दौर चल रहा है, लेकिन मौसम के बिगड़े तेवरों से बागवानों की धुकधुकी बढ़ गई है। कभी बारिश और आंधी, वहीं रात के समय तापमान में गिरावट से करोड़ों के सेब कारोबार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इससे बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। गौर हो कि इन दिनों सूबे के मध्यम और ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में फ्लावरिंग हो रही । वहीं मौसम के बिगड़े मिजाज से फूल सेटिंग प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। इससे सेब सीजन में फसल का उत्पादन गिर सकता है। बागवानों की आर्थिकी की रीढ़ मानी जाने वाली नकदी फसल का उत्पादन प्रभावित होने से उनकी सालभर की मेहनत पर पानी फिर सकता है। प्रगतिशील बागवान गोविंद सिंह, जगत सिंह, सुंदर सिंह, यशपाल, दौलत राम, प्रेम सिंह, योगराज, कमला नंद, अमित, सूरज, इंद्रजीत, सुनील चौहान और दिनेश सहित अन्य बागवानों ने बताया कि सेब की फ्लावरिग भले ही बंपर हो, लेकिन बारिश के साथ अंधड़ चलने और रात के तापमान में गिरावट आने से सेटिंग पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। फ्लावरिंग स्टेज में मौसम का साफ रहना जरूरी होता है। अगर मौसम अनुकूल नहीं रहा तो सेब की फसल पर संकट छा सकता है और बागवानों की आर्थिकी को झटका लग सकता है। वहीं सेब की अच्छी सेटिंग चक्कर में इन दिनों बागवान मधुमक्खियों के बक्सों के साथ-साथ परागण बेहतर प्रक्रिया की तैयारियां कर रहे हैं। वहीं मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की मानें तो आने वाले समय में भी मौसम खराब रह सकता है। ऐसे में बागवानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है।
कोट्स
मौसम सेब की सेटिंग के अनुकूल चल रहा है। हालांकि तापमान के उतार चढ़ाव से सेटिंग पर असर पड़ सकता है, लेकिन जहां पहले से सेटिंग हो चुकी है, उसके लिए मौसम परिवर्तन का असर नहीं पड़ेगा।
अश्विनी चौहान, बागवानी विषयवाद विशेषज्ञ, रामपुर