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बेटियां अपने हुनर को पहचाने और देश निर्माण में देें योगदान : इंद्र सिंह

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आनी (कुल्लू)। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या स्कूल आनी में छात्राओं को महिला सशक्तीकरण, घरेलू हिंसा और पोषण आहार से संबंधित और स्वास्थ्य के बार में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि सीडीपीओ आनी इंद्र सिंह गर्ग ने शिरकत की और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियां खुद को मानसिक रूप से कमजोर न समझें।
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उन्होंने कहा कि नारी हमेशा अपराजिता हैै और अपने हुनर को पहचाने और देश की निर्माण में युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर योगदान दें। इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास परियोजना में चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से छात्राओं को अवगत करवाया।

इस मौके पर स्वास्थ्य शिक्षक गोपी चंद शर्मा ने छात्राओं को किशोरा अवस्था के दौरान पेश होने वाली समस्याओं और उनके समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को सही खानपान और विशेष ध्यान देने की बात भी कही, जिससे वे स्वस्थ रहें। लोक संपर्क विभाग आनी के सहायक लोक संपर्क अधिकारी तरजीव शर्मा ने कहा कि समाज में बेटियों के साथ जो असमानता थी, वो अब धीरे-धीरे समाप्त हो रही है। बेटियां अपने भीतर के छिपे हुनर काे बाहर निकालें और इंटरनेट का सदुपयोग करते हुए अच्छी जानकारियां ग्रहण करके भविष्य का निर्माण करें।
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इस अवसर पर प्रधानाचार्य कन्या स्कूल खेम सिंह जम्वाल ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला द्वारा आयोजित अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम महिलाओं को जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करना सराहनीय कदम है। इस मौके पर एसएमसी अध्यक्ष चमन शर्मा सहित स्कूल के सभी शिक्षक मौजूद रहे।

क्या कहना है छात्रों का
1. किसी लड़की के साथ घटना घटित होने पर हर बात पर लड़कियाें को ही दोषी समझा जाता है। समाज में इस तरह का भेदभाव समाप्त होना चाहिए।
रिया कुमारी

आनी क्षेत्र में युवा वर्ग चिट्टे की लत में फंसते जा रहे हैं। पुलिस और प्रदेश सरकार को चिट्टा की तस्करी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
प्रिया
लड़कियों को कहीं पर नौकरी या अन्य गतिविधियों में भाग लेने के बाद हमेशा अपनी सुरक्षा को लेकर डर सताता रहता है। समाज में ऐसे परिवेश का निर्माण होना चाहिए कि जिससे यह डर हमेशा के लिए खत्म हो जाए।
स्वाति
अपराजिता कार्यक्रम से हमें सीख मिली है कि महिलाएं पुुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर देश के निर्माण में योग दान दें सकती हैं। भविष्य में इस तरह से जागरूकता कार्यक्रम नशे के खिलाफ भी आयोजित किए जाने चाहिए।
दीपिका
स्वास्थ्य शिक्षक ने स्वास्थ्य संबंधित बेहत महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध करवाई हैं। अन्य विद्यार्थियों को भी इस विषय को लेकर जागरूक करेंगे, जिससे वे भी अपने स्वास्थ्य का बेहतर तरीके से ध्यान रख सकें।
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लक्ष्मी डोगरा
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