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Rampur Bushahar News: जंगल की आग में जल गए बाग, बेबस देखता रहा बागवान

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आनी के कराणा में लगी आग में एक हजार से अधिक के फलों से लदे थे पेड़ जले, वन संपदा को भी पहुंचा भारी नुकसान
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असंख्य पशु पक्षियों की आग में झुलसकर मौत, तपती गर्मी में आग पर काबू पाना लोगों के लिए बना चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी (कुल्लू)। तपती गर्मी से जहां लोगों का जीना मुहाल हो गया है, तो वहीं जंगलों में लगने वाली आग अब किसानों और बागवानों की रोजी रोटी को भी छीन रही है। आनी के कराणा में बीते शाम जंगल में लगी आग में बागवानों के कई बगीचों पूरी तरह से जलकर राख हो गए। बागवानों के सामने ही उनके फलों से लदे पेड़ राख के ढेर में तबदील हो गए और वे बेबस होकर देखने के अलावा कुछ नहीं कर सके। आग में करीब एक हजार सेब के छोटे और बड़े पेड़ जल गए हैं। इससे दर्जनों बागवानों की कई सालों की मेहनत पर पर पानी फिर गया है। कई बागवान ऐसे हैं, जिन्हें अब बगीचे तैयार करने के लिए दोबारा से कई साल और मेहनत करनी पड़ेगी। हालांकि स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाने का हर संभव प्रयास किया लेकिन सूखे के कारण आग इतनी भयावह हो चुकी थी कि उनकी सारी कोशिशें नाकाफी साबित हुईं। कराणा गांव के स्थानीय निवासी बागवान गिरधारी लाल, देवेंद्र शर्मा, माघुराम, प्रवेश कुमार, दलीप शर्मा, शशी शर्मा, संजय कुमार, दीवानचंद, ताराचंद, गुंदीलाल और हेमराज सहित दर्जनों ग्रामीणों बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। आग की सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए थे, लेकिन सुविधाओं के अभाव में वे भी कुछ नहीं कर सके। आग फैलती हुई कई किलोमीटर के दायरे में फैल चुकी है और लगातार नुकसान करती जा रही है। प्रभावितों ने सरकार से उनके बगीचों में हुए नुकसान का आकलन कर उन्हें मुआवजे की मांग उठाई है। साथ ही उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है, जो जंगलों में आग लगा रहे हैं।
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इनसेट
असंख्य वन्य जीव जंतु बने काल का ग्रास, सैकड़ों पेड़ झुलसे
कराणा के जंगलों में लगी आग में आग में बगीचों के अलावा जंगलों में वास करने वाले जीव जंतुओं की भी भारी क्षति पहुंची है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग इतनी भयानक थी कि उन्होंने रात को उड़ते हुए पक्षियों को भी आग में झुलसते हुए देखा। इस दौरान वन्य प्राणी जान बचाने के लिए रातभर इधर-उधर भागते दिखे। आग में असंख्य वन्य जीवों का अस्तित्व पलभर में ही खाक हो गया। लोगों को रातभर जीव जंतुओं की चीख पुकार सुनाई देती रही। वहीं आग में सैकड़ों विभिन्न प्रजातियों के पेड़ और पौधे भी झुलस गए हैं।
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बाक्स

सूखा होने के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सूखे वाले इलाकों में लापरवाही न बरते और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखें।
सीएल राव, डीएफओ लुहरी
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