लोनिवि ने इस सड़क को पक्का करने के अप्रैल 2017 में करवाए टेंडर अनुमानित लागत रखी 318 करोड़ रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहडू। करोड़ा रुपये की राशि मंजूर होने के बावजूद महेंदली-समोली बाईपास पक्की नहीं हो पाई है। इस वजह से क्षेत्र के लोग खस्ताहाल सड़क पर हिचकोले खाने को मजबूर हैं। हैरानी इस बात की है कि टेंडर लगने के छह साल बाद भी मार्ग की दयनीय बनी हुई है। करीब छह किलोमीटर सड़क के अधर में लटके कार्य को लेकर लोगों में लोक निर्माण की कार्यप्रणाली को लेकर लोग सवाल उठ रहे हैं। सड़क पर बने गड्ढे और बारिश के बाद मलबे के ढेर वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक लोक निर्माण विभाग ने महेंदली से समोली तक करीब छह किलोमीटर सड़क को पक्का करने का काम अप्रैल 2017 में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू करवाया। 318 करोड़ की लागत से सड़क को चौडा करने, दीवारे, नालियां, पैरापिट बनाने और मैटलिंग का कार्य होना था लेकिन छह साल में केवल तीन किलोमीटर सड़क पर भी कुछ कार्य हो सका है जबकि कार्य अधर में लटक हुआ है। टेंडर के मुताबिक कार्य को एक साल की अवधि के भीतर पूरा किया जाना था। सड़क बनने से रोहड़ू की करीब चार पंचायत के लोगों के अलावा चिड़गांव तहसील, जांगला उपतहसील सहित छौहारा क्षेत्र से शिमला और हाटकोटी शिमला आने-जाने वाले वाहनों को रोहडू बाजार से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे बाजार में हर दिन बढ़ रही यातायात की समस्या का समाधान होना था। सात साल बीतने के बाद सड़क का काम अधर में लटका हुआ है। हालांकि भाजपा सरकार के दौरान विधायक मोहनलाल ब्राक्टा ने कई बार सड़क के लटके कार्य को लेकर सवाल उठाए लेकिन अब एक साल से कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद भी सड़क पर काम शुरू नहीं हो सका है। लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सतीश ठाकुर ने कहा कि महेंदली-बखीरना-समोली बाईपास सड़क का काम पहले जिस ठेकेदार को काम दिया गया था, उनकी इस अवधि के बीच में मौत हो गई। इसके बाद काम उनके बेटे ने शुरू किया लेकिन वह पूरा नहीं कर सका। अब पुराना टेंडर रद्द कर नए टेंडर लगाए गए है। टेंडर प्रक्रिया पूरा होने के बाद काम शुरू किया जाएगा।