सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते रामपुर के पुराने बस अड्डे से नहीं उठा कचरा। संवाद
ठेका सफाई कर्मियों की हड़ताल से रामपुर शहर में लगे कचरे के ढेर
चार जिले के प्रमुख व्यापारिक केंद्र पहुंचे लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी
स्कूलों में कर्मचारियों ने बनाया मिड डे मील
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर, रोहड़ू, ठियोग, आनी और किन्नौर में वीरवार को केंद्रीय ट्रेड यूनियन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में कर्मचारी ने नए कानून के विरोध में सड़कों पर उतरे। इस दौरान आम लोगों को सुविधाओं के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। ठियोग में करीब एक घंटे तक एनएच-पांच पर चक्का जाम किया। सड़क के दोनों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और वाहनों को बाईपास होकर आवाजाही करनी पड़ी। वहीं, चार जिलों के प्रमुख व्यापारिक केंद्र रामपुर में भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। नगर परिषद के ठेका सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते रामपुर शहर से कचरा नहीं उठा और जगह-जगह कचरे के ढेर लगे रहे। यहां आने वाले लोगों को गंदगी की समस्या झेलनी पड़ी। हालांकि, मिड-डे मील कर्मचारियों के प्रदर्शन पर जाने के बावजूद स्कूलों में तैनात कर्मचारियों ने दोपहर का भोजन पकाया। केंद्रीय ट्रेड यूनियन की हड़ताल के चलते रामपुर में सफाई व्यवस्था बिगड़ गई। हालांकि, अस्पताल में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिये सफाई व्यवस्था को अंजाम दिया गया। अन्य क्षेत्रों में जहां विभागों के आउटसोर्स कर्मचारियों ने प्रदर्शन किए।
वहीं, रामपुर के खनेरी अस्पताल और अन्य विभागों में तैनात कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए। रामपुर के सीटू, किसान सभा और ठेका मजदूरों ने ही हड़ताल में भाग लिया। हड़ताल का सबसे अधिक असर केवल सफाई व्यवस्था पर देखा गया। शहर में जगह जगह लगे कचरे के ढेर से लोगों को दिक्कतें पेश आई। वहीं स्कूलों में मिड-डे मील कर्मियों की हड़ताल के कारण स्कूल में तैनात कर्मचारियों ने भोजन तैयार किया। पदम छात्र स्कूल रामपुर में तैनात पुरुष और महिला कर्मचारी ने दोपहर का भोजन तैयार किया।