रामपुर से सटे जगातखाना में बाढ़ आने से करीब 10 वाहन क्षतिग्रस्त
नोगवैली में सेब और अन्य नगदी फसल तबाह
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर उपमंडल में शाम छह बजे के बाद अचानक मौसम ने रुख बदल लिया। भारी बारिश और ओलावृष्टि ने रामपुर और आसपास क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई।
रामपुर में आधा घंटा लगातार बारिश होती रही। इस दौरान ओलावृष्टि भी हुई। बारिश और ओलावृष्टि से एनएच-पांच से लेकर बाजार तक चारों और पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, रामपुर से सटे और सतलुज किनारे जगातखाना बाजार में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। यहां देव भूमि पब्लिक स्कूल के पास खड़ी की गईं करीब दस गाड़ियां सतलुज नदी के करीब पहुंच गईं, जिससे गाड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा नोगवैली और श्राईकोटी क्षेत्र में भी भारी बारिश और ओलावृष्टि हुई। क्षेत्र में पकने के लिए तैयार सेब की फसल तबाह हो गई। ओलावृष्टि से सेब की फसल को करोड़ों रुपये के नुकसान होने का अनुमान है। रामपुर की नोगवैली में हर साल लाखों पेटियां सेब उत्पादन की होती हैं। ओलावृष्टि ने बागवानों की अच्छी फसल लेने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
बारिश ने बागवानों की साल भर फसल पर फेरा पानी
डंसा / रामपुर बुशहर। भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि ने रामपुर सहित सेब बहुल क्षेत्र नोगवैली में आधा घंटा ऐसा कहर भरपाया कि बागवानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया। डंसा पंचायत के ऊपरी गांव जगूनी, कराली, थाना, सनेयी, डंसा, पनोली और शांदल में सेब, गुठलीदार फल, जौ, मटर और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। बारह बीस क्षेत्र में तीसरी बार ओलावृष्टि ने सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। क्षेत्र के बागवान अमित, दुर्गा सिंह, पवन, बंसी लाल, दौलत राम, सूरज, गोवर्धन, सुंदर सिंह, दीपक और घनश्याम ने बताया कि देर शाम हुई ओलावृष्टि ने सालभर की बागवानों और किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। हर साल किसानों और बागवानों को आपदा की मार से जूझना पड़ रहा है, लेकिन सरकार और विभाग की तरफ से केवल मात्र खानापूर्ति की जाती है l बागवानों ने राजस्व और बागवानी विभाग से गुहार लगाई है कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन किया जाए।