झाकड़ी में किसानों की समर्थन में सीटू और अन्य संगठन धरना प्रदर्शन करते हुए।
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रामपुर बुशहर। सीटू, हिमाचल किसान सभा जनवादी महिला समिति, एसएफआई और दलित शोषण मुक्ति मंच ने संघर्षरत किसानों के आंदोलन के समर्थन में केंद्र सरकार के किसान विरोधी रवैये के खिलाफ झाकड़ी और निरमंड में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान सीटू राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी, जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, नील दत्त, राजेश, सीटू क्षेत्रीय कमेटी संयोजक नरेंद्र देष्टा, किसान सभा जिला सचिव देवकी नंद, प्रेम चौहान, महिला समिति निरमंड कमेटी की सदस्य सुनीता, एसएफआई रामपुर इकाई सचिव साहिल राणा, राहुल और दलित शोषण मुक्ति मंच निरमंड इकाई के सह संयोजक सनी ने संयुक्त बयान में कहा कि मोदी की भाजपा सरकार किसानों को कुचलने पर आमादा है जो बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि किसानों से बातचीत से हल न निकालना और किसान आंदोलन को दबाने के प्रयास से स्पष्ट जाहिर हो चुका है कि यह भाजपा सरकार पूंजीपतियों और केंद्र सरकार किसान विरोधी नीतियां लाकर किसानों को कुचलना चाहती है। जनता से अपील की है कि भारी संख्या में आंदोलन के मैदान में कूदें और 5 दिसंबर को प्रदेश के हर गांव में मोदी सरकार, अडानी, अंबानी के पुतले दहन के कार्यक्रम में भारी संख्या में शामिल होकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रतिरोध की कार्रवाई करें। मोदी सरकार की ओर से लाए गए तीनों नए कृषि कानून पूर्णत: किसान विरोधी हैं। इन कानूनों से फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की अवधारणा को समाप्त कर दिया जाएगा। आवश्यक वस्तु अधिनियम के कानून को खत्म करने से जमाखोरी, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा। इससे बाजार में खाद्य पदार्थों की बनावटी कमी पैदा होगी और खाद्य पदार्थ महंगे हो जाएंगे। कृषि कानूनों के बदलाव से बड़े पूंजीपतियों और देशी विदेशी कंपनियों का कृषि पर कब्जा हो जाएगा और किसानों की हालत दयनीय हो जाएगी। इस मौके पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।