रामपुर बुशहर। सीटू समन्वय समिति रामपुर के बैनर तले शनिवार को हाथरस जिले में लड़की के साथ दुष्कर्म और उसकी जघन्य हत्या और महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार यौन उत्पीड़न की घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। सीटू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह और सीटू राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी ने कहा कि सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस सीटू देश में महिलाओं पर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करती है। देश में महिलाओं के खिलाफ हिंसा खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है। हाथरस जिले में लड़की के साथ हुए दुष्कर्म और उसकी जघन्य हत्या से लोगों में भारी रोष है।
लड़की के साथ हुए गैंगरेप और उसकी जघन्य हत्या के मामले में शर्मनाक बात यह है कि स्थानीय पुलिस ने इस जघन्य अपराध की एफआईआर दर्ज करने में देरी की है। युवती को समय पर पर्याप्त चिकित्सा तक उपलब्ध नहीं करवाई गई। जनता के दबाव के कारण युवती को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल स्थानांतरित किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दिल्ली पुलिस की मदद से उत्तर प्रदेश पुलिस युवती के शव को जबरन ले गई और आधी रात को ही बगैर पारिवारिक सदस्यों के अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार के लोगों को अंतिम संस्कार में शामिल तक नहीं होने दिया। यह उत्तर प्रदेश पुलिस के अन्याय और अमानवीयता का एक और भयानक उदाहरण है। इससे जाहिर होता है कि योगी सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों ने जानबूझकर मृतक को समय पर चिकित्सकीय सुविधा नहीं दी। इसलिए सभी दोषियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। सीटू महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों की कड़ी निंदा करती है और सरकार से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने की मांग की जाती है। प्रदर्शन में ओमप्रकाश भारती, आशु भारती, प्रेम, दिनेश, सुनीता, मंजू, मनीता, उर्मिला, चिंता, सुमारी, तरामनी, सहमनिया, नीमू, सुनामनी, आशा, रजनी, प्रोमिला, प्रेम दासी और उषा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।