रामपुर में संपत्ति कर सर्वे अंतिम चरण में, सैटेलाइट नक्शा किया जा रहा तैयार
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नगर परिषद की आय में भी होगी वृद्धि . संपत्तियों की सही जानकारी और आंकड़े जुटाए जा रहे . संपत्तियों की जानकारी भी ऑनलाइन होगी, घर बैठे होंगे काम संवाद न्यूज एजेंसी रामपुर बुशहर। रामपुर नगर परिषद क्षेत्र में संपत्ति कर निर्धारण के लिए चल रहा सर्वे अंतिम चरण में है। जल्द ही रामपुर के लोगों को घर बैठे ऑनलाइन संपत्तियों की जानकारी मिल सकेगी। इस सर्वे के तहत सभी संपत्तियों का ट्रू गूगल से सैटेलाइट नक्शा तैयार किया जा रहा है। यदि किसी भवन मालिक को सर्वे से संबंधित कोई संशय है, तो वह स्वयं अपनी संपत्ति की पैमाइश कर सकता है। इस पहल से नगर परिषद की आय में वृद्धि होने की संभावना है, जो वर्तमान में प्रति वर्ष 1.50 करोड़ रुपये है। प्रदेश सरकार के निर्देश पर सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में संपत्ति कर निर्धारण के लिए सर्वे किए जा रहे हैं। रामपुर नगर परिषद में भी संपत्तियों की सही जानकारी और आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। इससे संपत्ति का सही निर्धारण होगा और नगर परिषद का राजस्व बढ़ेगा। लोगों की समस्याओं का ऑनलाइन समाधान भी हो पाएगा। उन्हें अपने कार्यों के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सर्वे पूरा होने के बाद घर, दुकान, कार्यालय, सड़क, योजनाएं, पार्क और पार्किंग सहित सभी संपत्ति संबंधी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। हिमकॉस्ट की टीम ने नगर परिषद क्षेत्र का सैटेलाइट नक्शा तैयार कर लिया है। विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। नगर परिषद की वेबसाइट के माध्यम से हर संपत्ति की सटीक जानकारी मिलेगी। नप क्षेत्र के निवासी गृहकर, कचरा शुल्क और अन्य शुल्क घर बैठे जमा कर सकेंगे। वे विभिन्न प्रमाण पत्रों सहित अन्य सेवाएं भी ऑनलाइन प्राप्त कर पाएंगे। निकट भविष्य में सभी घरों और संपत्तियों को क्यूआर कोड से जोड़ने की योजना है। इस कोड के जरिए लोग अपने शुल्क और सेवाओं संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
कर की दरें होंगी अलग-अलग
सरकार के निर्देशानुसार अब मुख्य शहर और वार्डों में संपत्ति कर की दरें अलग-अलग होंगी। इसके लिए नगर परिषद क्षेत्र को चार श्रेणियों ए, बी, सी और डी में बांटा गया है। सर्वे के बाद नगर परिषद की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। वर्तमान में नगर परिषद को संपत्ति कर से प्रति वर्ष 1.50 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। यह नया निर्धारण प्रणाली राजस्व को और बढ़ाएगी।
यदि भवन मालिकों को पैमाइश को लेकर कोई संशय है, तो वे स्वयं नाप-नपाई कर सकते हैं। सर्वे के बाद संपत्ति कर में बढ़ोतरी होगी। यह कदम नगर परिषद की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में सहायक होगा। इसमें सभी भवन मालिक सहयोग करें। बीआर नेगी, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी
रामपुर में संपत्ति कर निर्धारण के लिए सर्वे करती हिमकॉस्ट की टीम। संवाद