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तीन दशकों से नहीं हो रही परियोजना प्रभावितों की सुनवाई

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ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी परियोजना के विस्थापितों ने करीब तीन दशकों से लंबित अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जल्द राज्य स्तरीय बैठक बुलाने की मांग की है। दशकों से लंबित पड़ी मांगों को पूरा करने के लिए नाथपा झाकड़ी विस्थापित कल्याण समिति ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को नाथपा झाकड़ी एवं बास्पा राज्य स्तरीय सलाहकार समिति के लिए अपना एजेंडा भेज कर जल्द बैठक बुलाने का आग्रह किया है।
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समिति ने मुख्यमंत्री से पिछले वर्ष 14 नवंबर को झाकड़ी प्रवास के दौरान नाथपा झाकड़ी परियोजना से प्रभावित लोगों को कुल उत्पादन का एक प्रतिशत दिलवाने के लिए केंद्र सरकार से बात करवाने की बात को याद दिलाया। मुख्यमंत्री की जनसभा में घोषणा के एक वर्ष के बाद भी विस्थापितों की मांगों को लेकर न तो कोई समाधान निकला है और न ही कोई बड़े स्तर की बैठक बुलाई गई है। 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी परियोजना शिमला और किन्नौर जिले में बनी है। परियोजना से सात पंचायतों शिमला जिले की और छह किन्नौर जिले की पंचायतों के करीब साढ़े तीन हजार परिवार विस्थापित और प्रभावित हुए हैं। विस्थापित कल्याण समिति ने अपने एजेंडे में एसजेवीएनएल से 450 मेगावाट की रामपुर परियोजना की तर्ज पर ही 1500 मेगावाट की नाथपा झाकड़ी परियोजना में भी प्रभावितों को कुल उत्पादन की एक प्रतिशत राशि दिलवाने की मांग की।
समिति ने विस्थापित परिवारों को स्थायी रोजगार देने, विस्तापित भूमिहीन परिवारों को परियोजना की ओर से दी गई जमीन का उनको मालिकाना हक देने, जिनके मकान और जमीन अर्जित की गई के बदले सभी को मकान बनाने के लिए प्लॉट आवंटित करवाने सहित कई अन्य मांगों को मुख्यमंत्री से पूरा करने की गुहार लगाई है। मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष 14 नवंबर को झाकड़ी दौरे में विस्थापितों को कुल उत्पादन का एक प्रतिशत दिलवाने के लिए केंद्र सरकार से बात करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।
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वहीं, नाथपा झाकड़ी विस्थापित कल्याण समिति अध्यक्ष भगत राम भारती ने बताया कि समिति ने मुख्यमंत्री से विस्थापितों की समस्या के समाधान को राज्य स्तरीय बैठक जल्द करवाने की मांग के साथ पांच सूत्रीय एजेंडा भी भेजा है, ताकि करीब तीन दशकों से लंबित पड़ी प्रभावितों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जा सके।
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