हजारों मरीजों का स्वास्थ्य रामभरोसे, घरद्वार स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के सरकारी दावे खोखले
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मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए लग रही 50 से 60 किलोमीटर की दौड़
ग्रामीणों ने सरकार से शीघ्र स्टाफ की तैनाती की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा/रामपुर बुशहर । चिकित्सा खंड रामपुर के अधीन आने वाले मुनीश पंचायत स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोगणी में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं। स्टाफ के अभाव में कई साल से पीएचसी में ताला लटका है। घरद्वार गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के सरकारी दावे दुर्गम क्षेत्रों में धरातल पर पोल खोल रहे हैं। ग्रामीणों को मामूली सी बीमारी के उपचार के लिए 50 से 60 किलोमीटर का सफर तय कर तकलेच या रामपुर जाना पड़ता है। पंचायत क्षेत्र के हजारों लोगों की सेहत का जिम्मा रामभरोसे है। उपचार की सुविधा न मिलने के कारण ग्रामीणों में प्रदेश सरकार और विभाग के प्रति खासा रोष व्याप्त है। शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य संस्थानों की हालत बदतर होती जा रही है। स्टाफ के अभाव का एक कारण यह भी रहा है कि जब भी नई नियुक्तियां होती हैं, तो अधिकारी और कर्मचारी अपनी पोस्टिंग नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में करते आए हैं। इस कारण दुर्गम क्षेत्रों में स्टाफ का टोटा देखने को मिल रहा है। मुनीश पंचायत के हजारों लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। मुनीश पंचायत प्रधान भजन दास का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों का मुद्दा कई मर्तबा विभागीय अधिकारियों और सरकार के समक्ष बाकायदा प्रस्ताव प्रेषित कर उठाया जा चुका है, लेकिन मामले को ठंडे बस्ते में डाला जाता है। ग्रामीणों ने सरकार और विभाग को चेताया कि यदि समय रहते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक और अन्य स्टाफ की नियुक्तियां नहीं की गई तो मजबूरन सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा। मुनीश पंचायत प्रधान भजन दास, सरोजिनी ठाकुर, सहित वार्ड पंच गीता, सत्या, जवाहर लाल, विजय और मान कुमारी ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से गुहार लगाई है कि उक्त स्वास्थ्य केंद्र में जल्द से जल्द चिकित्सक की नियुक्ति की जाए।
अधिकांश स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ का खासा अभाव है। केवल मात्र पांच चिकित्सक ही सेवा के लिए उपलब्ध हैं। जोगणी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर उपचार प्रदान किया जा रहा है। रिक्त पदों का मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जा चुका है। - डॉ. आरके नेगी, खंड चिकित्सा अधिकारी अधिकारी रामपुर