लालसा में 6 करोड़ रुपये की लागत से 15 साल में तैयार हुआ भव्य मंदिर
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में 25 से 30 हजार लोगों के भाग लेने की उम्मीद
क्षेत्र के आराध्य 10 देवताओं के सानिध्य में पूर्ण होगी प्राण प्रतिष्ठा
मंदिर कमेटी ने विशेष रूप से सजाया मंदिर, विभिन्न व्यवस्थाओं के सभी चाक चौबंद पूरे
गुलजारी लाल डमालू
डंसा (रामपुर बुशहर)।
उपमंडल रामपुर के लालसा में मां मंगला काली और देवता दोगणू महाराज की नवनिर्मित कोठी (मंदिर) का प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान बुधवार को धार्मिक परंपराओं और जल यात्रा के साथ शुरू हो रहा है। छह दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में दस देवता शिरकत करेंगे और करीब 30 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना है। भगवान परशुराम की चार ठहरियों में से सबसे बड़ी ठहरी लालसा (लैयापुरी) में 6 करोड़ रुपये की लागत से माता मंगला काली और देवता दोगणू महाराज का भव्य मंदिर तैयार हो गया है। काष्ठकुणी शैली में मंदिर का निर्माण किया गया है। मंदिर के निर्माण में 15 साल लग गए। मंदिर में लकड़ियों की नक्काशी और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। प्रतिष्ठित मंदिरों में काम कर चुके मिस्त्री ने इस भव्य मंदिर का निर्माण किया है। मंदिर के तैयार होने के बाद अब 18 फरवरी से प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान शुरू हो रहा है। इसके लिए मंदिर कमेटी ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
पौ गांव की प्राकृतिक बावड़ी से लालसा गांव की महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजधज कर जल यात्रा निकालेंगी। पंडितों के देव उच्चारण के साथ यह जल यात्रा नवनिर्मित मंदिर तक निकाली जाएगी। 19 और 20 फरवरी को मंदिर में शतचंडी पाठ होंगे। 21 फरवरी दोपहर को जाइयों, भांजों का धार्मिक परंपराओं के तहत स्वागत किया जाएगा। इसी दिन शाम को वाद्ययंत्रों की ध्वनियों के साथ मंदिर समिति और देवता दोगणू की अगुवाई में देवताओं का भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद अनुष्ठान में आए देवता अपना स्थान ग्रहण करेंगे। 22 फरवरी को शिखा फेर की रस्म निभाई जाएगी। इस रस्म को देवता दोगणू के बड़े भाई देवता छिज्जा कालेश्वर देवठी नवनिर्मित मंदिर का फेर लगाकर करेंगे। 23 फरवरी को पूर्णाहुति और कलश स्थापना के साथ यह धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण होगा। इसके बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा की परंपरा को पूर्ण करने में 11 पंडित अपना अहम योगदान देंगे।
यह 10 देवता करेंगे शिरकत
लालसा में आयोजित होने वाले प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में क्षेत्र की चार ठहरी के देवता दमुख डंसा, देवता साहिब जाहरूनाग शनेरी, देवता यज्ञेश्वर शिंगला सहित देवता जाख रचोली, देवता छिज्जा कालेश्वर देवठी, देवता लक्ष्मी नारायण कुमसू, शिलादेश के देवता दरकाली, देवता सेरी मझाली और देवता थेडा महासू शिरकत करेंगे। माता मंगला काली और देवता दोगणू महाराज मंदिर समिति के प्रधान शीश शर्मा ने बताया कि नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम 23 फरवरी तक चलेगा। 18 को जल यात्रा के साथ कार्यक्रम शुरू होगा और 23 को कलश स्थापना, पूर्णाहुति के साथ यह अनुष्ठान संपन्न होगा।
बस अड्डे के बाहर और बाहलीधार सड़क पर होगी वाहनों की पार्किंग
लालसा में आयोजित होने वाले मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। बीते दिनों एसडीएम हर्ष अमरेंद्र सिंह ने इस अनुष्ठान के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे, इसे लेकर मौके पर जाकर निरीक्षण किया था। स्थानीय मंदिर समिति और पुलिस प्रशासन के साथ बैठक कर निर्णय लिया गया है कि धार्मिक आयोजन के दौरान लालसा बस अड्डे में वाहनों को पार्क नहीं होने दिया जाएगा। यहां पहुंचने वाले वाहनों को बस अड्डे से बाहर और लालसा बाहलीधार सडक़ पर पार्क करने की सुविधा रहेगी। बस अड्डा और मंदिर परिसर के आसपास पुलिस जवानों को तैनात किया जाएगा, जो यहां हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेंगे।
जलयात्रा के साथ आज मां मंगलाकाली और देवता दोगणू के नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी शुरू