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छह-छह माह बाद उपभोक्ताओं को थमाए जा रहे बिजली बिल

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सांगला (किन्नौर)। विद्युत बोर्ड की लापरवाही के चलते इन दिनों जनजातीय जिला किन्नौर के विद्युत उपभोक्ता परेशान हैं। स्टाफ के अभाव के उपभोक्ताओं को एक साथ छह-छह माह के बिजली बिल थमाए जा रहे हैं, जिसे देखकर उपभोक्ताओं के होश उड़ रहे हैं। वहीं, एक साथ छह माह का बिजली बिल चुकाना कई ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने विद्युत बोर्ड प्रबंधन से एक से दो माह की अवधि में बिजली बिल देने की मांग की है।
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गौरतलब है कि किन्नौर जिले के कल्पा खंड के रिकांगपिओ में विद्युत बोर्ड ने उपभोक्ताओं को एक साथ छह माह का बिजली बिल थमाया है। 6 माह का भारी भरकम बिल देखकर जहां उपभोक्ताओं के होश उड़ गए हैं, वहीं अब उन्हें बिल अदा करने की चिंता सता रही है। जिला मुख्यालय रिकांगपिओ सहित कल्पा, रोघी, दुन्नी, पांगी, तेलंगी, खवांगी, शुदारंग, कोठी क्षेत्र में बोर्ड ने 6 माह का भारी भरकम बिल एक साथ दिया है, जबकि जिले के कल्पा, निचार और पूह खंड के तहत आने वाले कई ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों उपभोक्ताओं को अभी भी बिजली बिल नहीं मिल पाए हैं।
जिले के विद्युत उपभोक्ता उमेश नेगी, हिम्मत नेगी, प्रेम कुमार नेगी, वीर सिंह नेगी, प्रीतम नेगी, बद्री दुध्यान, यतेंद्र दुध्यान, त्रिलोक नेगी, डीडी नेगी, राजकमल नेगी, प्रमोद नेगी सहित अन्य उपभोक्ताओं ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और विद्युत बोर्ड प्रबंधन से एक से दो माह के भीतर बिजली बिल देने की मांग की है, ताकि उपभोक्ताओं पर अधिक आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि जिले के 80 फीसदी लोग कृषि पर निर्भर हैं, ऐसे में छह माह का भारी भरकम बिल चुकाना उनके लिए परेशानियों भरा है।
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उधर, विद्युत बोर्ड रिकांगपिओ के एसडीओ बीरबल नेगी ने कहा कि स्टाफ के अभाव के चलते समय पर बिजली बिल नहीं बंट पा रहे हैं। समस्या को लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया जा चुका है। उपभोक्ताओं को समय पर बिल मुहैया करवाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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