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कोरोना संकट के बीच में बिजली की दरें बढ़ाना शर्मनाक : बीसीसी

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रामपुर बुशहर। कोरोना संकट के दौर में बिजली की दरें बढ़ाना काफी शर्मनाक है। प्रदेश सरकार ने विद्युत की नई दरें जारी कर उपभोक्ताओं को झटका दिया है। बीसीसी अध्यक्ष साहिब सिंह मेहता ने कहा कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने सरकार के इस जनविरोधी फैसले पर कड़ा रोष जताया है।
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ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रामपुर के नवनियुक्त सचिव एवं प्रेस प्रवक्ता ध्रुव शर्मा ने कहा कि कोरोना संकट के बीच जहां पूरे विश्व में सरकारें लोगों को राहत देने का कार्य कर रही हैं, वहीं प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बिजली की दरें बढ़ाकर झटका दिया है। सरकार ने हिमाचल में 30 पैसे से लेकर एक रुपये तक बिजली की दरें बढ़ा दी हैं। मंत्रिमंडल के घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिलों पर दी जाने वाली सब्सिडी घटाने का फैसला लेने के बाद बुधवार को विद्युत नियामक आयोग ने नई दरें जारी कर दी हैं। अब जनता को एक जुलाई से नई दरों के हिसाब से बिजली बिल देने पड़ेंगे, जो मध्य वर्ग और गरीब जनता को महंगाई के बोझ तले दबा के रखेेंगे। शर्मा ने कहा कि सरकार ने जो नया स्लैब सिस्टम बनाया है, उससे एक से लेकर पांच रुपये तक प्रति यूनिट की दर से बिजली महंगी हुई है। जब बिजली की खपत बढ़ेगी तो हर स्लैब में तय यूनिट्स के हिसाब से बिल तय होंगे। प्रदेश सरकार ने प्रीपेड मीटर का प्रयोग करने वाले उपभोक्ताओं को दी जाने वाली बिजली भी एक रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बढ़ा दी है।
प्रदेश सरकार के इस जनविरोधी फैसले का पंकज शर्मा, राहुल सोनी, जतिन मेहता, कुलदीप नेगी, सतपाल मेहता, गिरीश गौतम, अजय राणा, साहिल अब्रॉल, नीतीश भंडारी, मयंक गुप्ता और निशांत शर्मा सहित कई रामपुर वासियों ने रोष जताया है।
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